गाजन पर्व में आस्था का अद्भुत संगम, भक्तों ने जीभ में लोहे की कील और छड़ घोंपकर निभाई परंपरा

गाजन पर्व में आस्था का अद्भुत संगम, भक्तों ने जीभ में लोहे की कील और छड़ घोंपकर निभाई परंपरा

Johar News Times
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पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया और गुड़ाबांदा क्षेत्र में बुधवार को गाजन पर्व श्रद्धा, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। इस दौरान शिव मंदिरों में सुबह से ही जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। भक्तों ने भगवान शिव को जल, बेलपत्र और फूल अर्पित कर सुख-समृद्धि तथा अच्छी फसल की कामना की।

गुड़ाबांदा प्रखंड के गुड़ाबांदा गांव में आयोजित गाजन पर्व के दौरान मन्नतधारी भक्तों ने कठिन धार्मिक अनुष्ठानों का पालन किया। कई श्रद्धालुओं ने अपनी जीभ में लोहे की नुकीली कीलें और लंबी छड़ें घोंपकर भगवान महादेव के प्रति अपनी अटूट आस्था का प्रदर्शन किया। इस अनूठे और पारंपरिक दृश्य को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।

पूजा-अर्चना के दौरान ढाक और अन्य पारंपरिक वाद्य यंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह सदियों पुरानी परंपरा है, जिसे लोग क्षेत्र की खुशहाली, अच्छी फसल और मनोकामना पूर्ण होने पर निभाते हैं।

वहीं, चाकुलिया के पुराना बाजार स्थित चंडेश्वर शिव मंदिर में चल रहे पांच दिवसीय गाजन पर्व के तीसरे दिन भोक्ता पक्काघाट तालाब से लोटकर मंदिर पहुंचे और विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों की इस अनोखी साधना को देखने के लिए बाजार क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ी रही और पूरे इलाके में भक्तिमय माहौल बना रहा।

आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। पर्व को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही। पूरे दिन क्षेत्र में भक्ति, परंपरा और लोक आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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