असम में नई सरकार के गठन को लेकर तस्वीर लगभग साफ होती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को इस्तीफा सौंप दिया है। हालांकि, नई सरकार के गठन तक वह कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालते रहेंगे।
जानकारी के मुताबिक, राज्य में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को आयोजित होगा। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। हिमंत बिस्वा सरमा ने साफ किया है कि विधायक दल की बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में नए नेता का चयन किया जाएगा। इस बैठक में ही यह तय होगा कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा।
हालांकि, सूत्रों के अनुसार सरमा लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माने जा रहे हैं। पिछले दो कार्यकालों में उनकी छवि एक सख्त और निर्णायक नेता के रूप में उभरी है। कानून-व्यवस्था, घुसपैठ और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दों पर उनके कड़े रुख को भाजपा के कोर एजेंडे के अनुरूप माना जाता है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि असम में भाजपा की लगातार तीसरी जीत में हिमंत बिस्वा सरमा की बड़ी भूमिका रही है, ऐसे में उन्हें नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। फिर भी, पार्टी ने पहले भी मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में नेतृत्व को लेकर चौंकाने वाले फैसले लिए हैं, इसलिए अंतिम निर्णय तक स्थिति खुली मानी जा रही है।
इधर, पूर्वी भारत के दूसरे बड़े राज्य पश्चिम बंगाल में भी 9 मई को शपथ ग्रहण समारोह प्रस्तावित है। वहां मुख्यमंत्री पद को लेकर शुभेंदु अधिकारी, शमिक भट्टाचार्य और दिलीप घोष जैसे नाम चर्चा में हैं। साथ ही रूपा गांगुली और अग्निमित्रा पॉल जैसी महिला नेताओं के नाम भी संभावित उम्मीदवारों में गिने जा रहे हैं। अब सबकी नजर विधायक दल की बैठक पर टिकी है, जहां असम के अगले मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर लगेगी।










