अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि जरूरत पड़ने पर ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू की जा सकती है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है।
जानकारी के मुताबिक, ईरान की ओर से एक प्रस्ताव रखा गया था, जिसमें पहले संघर्ष विराम और Strait of Hormuz को खोलने की बात कही गई थी। इसके बाद परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाने का सुझाव दिया गया था। हालांकि, अमेरिका इस प्रस्ताव से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिख रहा है।

फ्लोरिडा के वेस्ट पाम बीच में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान फिलहाल कमजोर स्थिति में है और अमेरिका हर विकल्प पर विचार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा नाकेबंदी को “दोस्ताना दबाव” के रूप में देखा जाना चाहिए और इसे चुनौती देने की स्थिति में अमेरिका कड़ा रुख अपना सकता है।
तनाव क्यों बढ़ रहा है :-
दोनों देशों के बीच लंबे समय से परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर मतभेद रहे हैं। हालिया घटनाओं ने इन मतभेदों को और गहरा कर दिया है।

वैश्विक असर की आशंका :-
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर हालात और बिगड़ते हैं तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और पश्चिम एशिया की स्थिरता पर पड़ सकता है।
फिलहाल, दुनिया की नजरें अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हैं, क्योंकि कोई भी बड़ा फैसला क्षेत्रीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर असर डाल सकता है।










