प्रभंजन कुमार
घाटशिला/गालूडीह: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के तहत आज सीमावर्ती क्षेत्रों में लोकतंत्र का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले (घाटशिला विधानसभा) से सटे पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिला अंतर्गत बंदवान (ST) विधानसभा क्षेत्र के आसनपानी गांव में मतदान की प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण रही।
प्रमुख अपडेट्स: एक नज़र में
- मतदान का समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक।
- अनुमानित टर्नआउट: दोपहर 3 बजे तक आसनपानी और आसपास के बूथों पर 80% से अधिक मतदान दर्ज किया गया।
- सुरक्षा व्यवस्था: मतदान केंद्र पर CAPF (केंद्रीय अर्धसैनिक बल) की कड़ी तैनाती के साथ-साथ ड्रोन से भी निगरानी रखी गई।
- गर्मी का असर: 40 डिग्री से अधिक तापमान के बावजूद मतदाताओं के जोश में कमी नहीं दिखी।
सुबह से ही लगी लंबी कतारें
आसनपानी के प्राथमिक विद्यालय स्थित मतदान केंद्र पर सुबह 6:30 बजे से ही लोग जुटने लगे थे। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं और 90 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों में भी मतदान को लेकर खासा आकर्षण रहा। तेज गर्मी और लू के थपेड़ों से बचने के लिए अधिकांश ग्रामीणों ने दोपहर 12 बजे से पहले ही अपना वोट डाल दिया।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
झारखंड-बंगाल सीमा पर स्थित होने के कारण प्रशासन इस क्षेत्र को लेकर काफी सतर्क था। गालूडीह और आसनपानी के बीच के रास्तों पर सघन नाकेबंदी की गई थी। पश्चिम बंगाल पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवानों ने यह सुनिश्चित किया कि मतदान प्रक्रिया में बाहरी हस्तक्षेप न हो।
जागरूकता और बदलाव की चर्चा
मतदान केंद्र के बाहर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। जहाँ एक ओर प्रशासन ने 80% से अधिक मतदान पर संतोष जताया है, वहीं ग्रामीण इलाकों में मतदाताओं की यह चुप्पी और भारी भीड़ किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर की ओर इशारा कर रही है। लोग विकास, स्थानीय रोजगार और सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा करते दिखे।
अब 4 मई का इंतजार
बंदवान विधानसभा समेत पूरे क्षेत्र की किस्मत अब EVM में कैद हो चुकी है। अब सभी की निगाहें 4 मई, 2026 को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि बंगाल की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी—पुरानी ‘दीदी’ या नया ‘नेतृत्व’।










