तेज रफ्तार का कहर: मौके पर ही गई जान
घटना सीनी थाना (सरसावा) क्षेत्र के दिहुरीडिह के पास की है। सरायकेला निवासी विकास जामुदा (18 वर्ष) अपने साथी विष्णु सोए के साथ खरसावां से लौट रहा था। इसी दौरान एक अज्ञात अनियंत्रित वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि विकास जामुदा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि विष्णु सोए गंभीर रूप से घायल हो गया।
अस्पताल की घोर लापरवाही और हंगामे की वजह
घायल विष्णु को स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन यहाँ से शुरू हुआ अस्पताल की लापरवाही का सिलसिला:
- डॉक्टर की अनुपस्थिति: आरोप है कि खरसावां सीएचसी (CHC) में तैनात डॉक्टर कन्हैयालाल उरांव ड्यूटी से नदारद थे, जिसके कारण घायल युवक करीब दो घंटे तक बिना इलाज के तड़पता रहा।
- अमर्यादित व्यवहार: घटना की सूचना पाकर जब नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी सदर अस्पताल पहुंचे, तो वहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर चंदन कुमार के साथ उनकी तीखी बहस हो गई। आरोप है कि बात धक्का-मुक्की तक जा पहुँची।
- धरने पर बैठे अध्यक्ष: डॉक्टरों के अड़ियल रवैये और इलाज में देरी से आक्रोशित होकर नगर अध्यक्ष इमरजेंसी वार्ड के बाहर ही जमीन पर धरने पर बैठ गए।
“दोषी डॉक्टरों पर हो सख्त कार्रवाई”
नगर अध्यक्ष मनोज चौधरी ने अस्पताल प्रशासन पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि यह स्थिति अत्यंत शर्मनाक है। उन्होंने मांग की है कि:
- ड्यूटी से गायब रहने वाले डॉक्टर कन्हैयालाल उरांव पर तत्काल कार्रवाई हो।
- बदसलूकी करने वाले डॉक्टर चंदन कुमार को पद से हटाया जाए।
अध्यक्ष का कथन: “एक मां ने अपना बेटा खो दिया और दूसरा युवक सिस्टम की लापरवाही के कारण मौत से जूझ रहा है। ऐसे गैर-जिम्मेदार डॉक्टरों को पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है।”
फिलहाल अस्पताल परिसर में तनाव व्याप्त है और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग नगर अध्यक्ष के समर्थन में जुट रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से अब तक इस मामले में कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे लोगों में उबाल है।
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