पोटका: डोमजुड़ी उत्क्रमित उच्च विद्यालय की चारदीवारी तोड़े जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। ग्रामीणों ने स्पष्ट लहजे में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि अगले 48 घंटों (दो दिनों) के भीतर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला जड़ देंगे।
क्या है पूरा मामला?
ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय की सुरक्षा के लिए पूर्व विधायक अमूल्य सरदार के प्रयासों से चारदीवारी का निर्माण कराया गया था। निर्माण से पूर्व अंचल अधिकारी द्वारा विधिवत सीमांकन (Demarcation) भी किया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद गांव के ही एक परिवार ने दबंगई दिखाते हुए लगभग 20 फीट बाउंड्री तोड़ दी है।
अंचल कार्यालय का घेराव और आक्रोश
पंचायत समिति सदस्य जालिम मार्डी एवं बाबूलाल टुडू के नेतृत्व में दर्जनों ग्रामीण शुक्रवार को पोटका अंचल कार्यालय पहुँचे। ग्रामीणों का कहना है कि:
- इस मामले में पहले भी अंचल अधिकारी निकिता बाला को आवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
- मामले की शिकायत जादूगोड़ा थाना और धालभूमगढ़ एसडीओ (SDO) से भी की जा रही है।
- सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने वालों पर तुरंत एफआईआर (FIR) दर्ज होनी चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में ये थे शामिल
विरोध प्रदर्शन में आसनबनी क्षेत्र के परगना हरि पोदो मुर्मू, माझी बाबा लेदेन किस्कू, गोपीनाथ मार्डी, गणेश कर्मकार, गोवर्धन सीट, चुनाराम सोरेन, बुद्धेश्वर गोप, सोनाराम माझी और नवदीप दास समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
“स्कूल की संपत्ति सार्वजनिक है। इसे तोड़ने वालों पर अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो हम विद्यालय में पढ़ाई बाधित कर ताला लगाने को मजबूर होंगे।” — ग्रामीण प्रतिनिधि
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