पटना: बिहार की राजनीति से इस वक्त की सबसे सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। सूबे की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल चुका है। सम्राट चौधरी का बिहार का अगला मुख्यमंत्री बनना अब लगभग तय है।
📌 घटनाक्रम: इस्तीफे से नए दावे तक
मंगलवार को एक बड़े राजनीतिक उलटफेर में नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। वे सम्राट चौधरी और विजय चौधरी के साथ राजभवन पहुंचे और राज्यपाल को अपना त्यागपत्र सौंपा।
- नीतीश का संदेश: इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार ने ‘X’ (ट्विटर) पर लिखा:”नई सरकार को मेरा पूरा सहयोग रहेगा। बिहार आगे बढ़ेगा।”
- भावुक विदाई: कैबिनेट की अपनी आखिरी बैठक में नीतीश ने कहा कि 2005 से अब तक उन्होंने बिहार की सेवा की पूरी कोशिश की है और वे आगे भी मार्गदर्शन देते रहेंगे।
बीजेपी का पहला मुख्यमंत्री: शपथ ग्रहण की तैयारी
बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) का कोई नेता मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालेगा।
- नेता का चयन: सम्राट चौधरी को बीजेपी और एनडीए विधायक दल का नेता चुन लिया गया है।
- प्रस्तावक बने नीतीश: एनडीए की बैठक में खुद नीतीश कुमार ने सम्राट के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसके बाद सम्राट ने उनका आशीर्वाद लिया।
- शपथ ग्रहण: 15 अप्रैल को पटना के लोक भवन में सुबह 11:00 बजे भव्य शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा।
सम्राट चौधरी का बयान: “मैंने नीतीश जी से ही राजनीति की बारीकियां सीखी हैं। हमारा एकमात्र लक्ष्य अब बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जाना है।”
जश्न में डूबा बिहार: मुंगेर से तारापुर तक दिवाली
इस खबर के बाहर आते ही बीजेपी कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विशेष रूप से सम्राट चौधरी के गृह क्षेत्र में जश्न का माहौल है:
- मुंगेर और तारापुर: कार्यकर्ताओं ने जमकर रंग-गुलाल उड़ाए और पटाखे फोड़े।
- मिठाइयों का दौर: घर-घर मिठाइयां बांटी जा रही हैं।
- नारेबाजी: पूरा इलाका “मुंगेर का बेटा बना सीएम” के नारों से गूंज उठा है।
अब पूरे देश की नजरें कल यानी 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं, जो बिहार की सियासत में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा।









