सरायकेला: सरायकेला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक ‘राजकीय चैत्र पर्व–सह–छऊ महोत्सव 2026’ शनिवार से बिरसा मुंडा स्टेडियम में पूरी भव्यता के साथ शुरू हो गया। 11 से 13 अप्रैल तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय महोत्सव का विधिवत शुभारंभ सिंहभूम की माननीया सांसद श्रीमती जोबा मांझी ने पारंपरिक विधि-विधान और पूजा-पाठ के साथ किया।
परंपरा और संस्कृति की गूँज
समारोह का उद्घाटन स्थानीय रीति-रिवाजों के बीच हुआ, जिसमें सांसद जोबा मांझी के साथ जिले के आला अधिकारी और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। इस मौके पर प्रशासनिक और राजनीतिक जगत की कई प्रमुख हस्तियाँ मौजूद रहीं:
- उपस्थित अतिथि: उपायुक्त श्री नीतिश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री मुकेश लुनायत, डिप्टी मेयर मनोज चौधरी, जिला परिषद अध्यक्ष, महापौर, नगर पंचायत अध्यक्ष (सरायकेला), अपर उपायुक्त और अनुमंडल पदाधिकारी।
छऊ नृत्य की अद्भुत छटा: मंत्रमुग्ध हुए दर्शक
महोत्सव के पहले दिन सरायकेला शैली के प्रसिद्ध छऊ कलाकारों ने अपनी कला का जादू बिखेरा। पौराणिक प्रसंगों और सामाजिक विषयों पर आधारित मनमोहक प्रस्तुतियों ने स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
- सांस्कृतिक विविधता: स्थानीय कलाकारों के अलावा विभिन्न राज्यों से आए कला दलों ने भी नृत्य, गीत और संगीत की उत्कृष्ट प्रस्तुतियाँ दीं।
- विरासत का प्रदर्शन: इन प्रस्तुतियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोककलाओं की विविधता को वैश्विक पहचान दिलाने का काम किया।

कला संरक्षण का सशक्त संदेश
यह महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान ‘छऊ’ के संरक्षण और संवर्धन का एक सशक्त माध्यम बन गया है। कार्यक्रम के माध्यम से लुप्त होती परंपराओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और कलाकारों को उचित मंच प्रदान करने का संदेश प्रसारित किया गया।

अगले दो दिनों के मुख्य आकर्षण:
- देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकारों का संगम।
- सरायकेला छऊ की विविध शैलियों का प्रदर्शन।
- स्थानीय कला-शिल्प की प्रदर्शनी।

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