जमशेदपुर: विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) की जमशेदपुर इकाई ने एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की। इस दौरान संगठन ने न केवल शहर की स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया, बल्कि “सभी के लिए स्वास्थ्य” के वैश्विक लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आवश्यक सुझाव भी साझा किए।

सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर चिंता
आईएमए के पदाधिकारियों ने कहा कि वर्तमान में डॉक्टर संसाधनों की कमी और अत्यधिक दबाव के बीच अपनी सेवाएं दे रहे हैं। प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगों पर जोर दिया गया:
- मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट: सरकार से अपील की गई कि डॉक्टरों के खिलाफ होने वाली हिंसा को रोकने के लिए सख्त कानून और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए।
- बेहतर सुविधाएं: स्वास्थ्य संस्थानों में पर्याप्त चिकित्सा उपकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता जताई गई।
विश्व स्वास्थ्य दिवस: ‘सभी के लिए स्वास्थ्य’ का संकल्प
विश्व स्वास्थ्य दिवस (World Health Day) की प्रासंगिकता पर चर्चा करते हुए आईएमए ने समाज के हर वर्ग तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा पहुंचाने की प्रतिबद्धता दोहराई। संगठन ने कहा कि एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए सरकार, डॉक्टर और जनता का तालमेल अनिवार्य है।
डॉक्टर-मरीज के बीच विश्वास की अपील
प्रेस वार्ता के दौरान आईएमए ने मरीजों के परिजनों से संयम बरतने की अपील की। पदाधिकारियों ने कहा कि चिकित्सा प्रक्रिया में विश्वास और सहयोग ही सबसे बड़ी कुंजी है। परिजनों को प्रक्रिया की जटिलताओं को समझना चाहिए ताकि डॉक्टर बिना किसी मानसिक दबाव के मरीजों का उपचार कर सकें।
प्रमुख रूप से उपस्थित पदाधिकारी
इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में आईएमए जमशेदपुर के कई वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
- डॉ. जी.सी. माझी (अध्यक्ष)
- डॉ. दिवेश बहादुर (उपाध्यक्ष)
- सुरेश चौबे (ज्वॉइंट सेक्रेटरी)
- डॉ. विजय अग्रवाल (एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी)
- डॉ. अरुण कुमार









