जमशेदपुर | 7 अप्रैल, 2026: लौहनगरी के टाटानगर रेलवे स्टेशन पर आज यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। यात्री ट्रेनों के घंटों देरी से चलने और रेलवे प्रशासन की कथित अनदेखी के खिलाफ जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय के नेतृत्व में स्टेशन के मुख्य द्वार पर जोरदार धरना-प्रदर्शन शुरू हुआ।

मालगाड़ियों को ‘ग्रीन सिग्नल’, यात्री ट्रेनों को ‘वेटिंग’:
धरनास्थल पर मौजूद प्रदर्शनकारियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों, जिनमें विश्व हिंदू परिषद भी शामिल थी, ने रेलवे पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि रेलवे प्रशासन राजस्व के लालच में मालगाड़ियों (Goods Trains) को प्राथमिकता दे रहा है, जबकि आम जनता की पैसेंजर ट्रेनों को घंटों आउटर पर खड़ा रखा जाता है।

धरने की मुख्य बातें:
- डंका बजाकर विरोध: प्रदर्शनकारियों ने पारंपरिक तरीके से डंका बजाकर सोए हुए रेलवे प्रशासन को जगाने की कोशिश की।
- चांडिल-टाटा का ‘कष्टदायक’ सफर: विधायक सरयू राय ने मुद्दा उठाया कि महज 30-35 किलोमीटर की दूरी (चांडिल से टाटा) तय करने में ट्रेनों को 3 से 4 घंटे लग रहे हैं।
- मजदूरों और दैनिक यात्रियों पर मार: ट्रेनों की देरी से सबसे ज्यादा प्रभावित वे मजदूर और छोटे कर्मचारी हो रहे हैं जो अपनी रोजी-रोटी के लिए रोजाना इन ट्रेनों पर निर्भर हैं।

विधायक सरयू राय का कड़ा संदेश: > “रेलवे अपनी जिम्मेदारी से भाग नहीं सकता। यात्रियों की सुविधा और उनके समय की कीमत मालगाड़ियों से कम नहीं है। अगर समयबद्धता (Punctuality) में सुधार नहीं हुआ, तो यह आंदोलन और उग्र रूप लेगा।”
रेलवे प्रशासन को चेतावनी
धरने में शामिल लोगों ने स्पष्ट किया है कि यह केवल सांकेतिक शुरुआत है। यदि ट्रेनों का परिचालन समय पर सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में चक्का जाम और बड़े आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।









