एमजीएम जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल: ‘सम्मानजनक स्टाइपेंड’ और सुरक्षा की मांग, चरमराई एमजीएम की स्वास्थ्य व्यवस्था

MGM junior doctors' strike: Demanding a 'respectable stipend' and security, MGM's healthcare system collapses

Johar News Times
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जमशेदपुर: कोल्हान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल एमजीएम (MGM) में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जूनियर डॉक्टरों ने अपनी मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया। डॉक्टरों का स्पष्ट कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, उन्हें ‘सम्मानजनक मानदेय’ और ‘सुरक्षित कार्यस्थल’ चाहिए।

स्टाइपेंड में बढ़ोतरी है प्रमुख मांग

आंदोलनरत जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि उनकी सबसे बड़ी मांगों में से एक स्टाइपेंड (मानदेय) में सम्मानजनक बढ़ोतरी है। डॉक्टरों का तर्क है कि:

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  • वर्तमान में मिल रहा स्टाइपेंड अन्य राज्यों और संस्थानों की तुलना में बेहद कम है।
  • बढ़ती महंगाई और दिन-रात की कड़ी ड्यूटी के अनुपात में यह राशि पर्याप्त नहीं है।
  • लंबे समय से लंबित इस मांग पर प्रबंधन केवल टालमटोल कर रहा है।

हड़ताल की अन्य मुख्य वजहें

स्टाइपेंड के अलावा डॉक्टरों ने निम्नलिखित मुद्दों पर भी मोर्चा खोला है:

  1. ड्यूटी पर सुरक्षा: आए दिन मरीजों के परिजनों द्वारा डॉक्टरों के साथ की जाने वाली बदसलूकी और मारपीट को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा बल की तैनाती।
  2. बुनियादी सुविधाएं: अस्पताल के अंदर पीने का पानी, साफ-सफाई और डॉक्टरों के आराम करने के लिए उचित व्यवस्था।
  3. स्पष्ट शिफ्ट टाइमिंग: काम के घंटों का सही निर्धारण ताकि अत्यधिक मानसिक और शारीरिक दबाव को कम किया जा सके।

मरीजों पर पड़ा भारी असर

जूनियर डॉक्टरों और इंटर्न के हड़ताल पर जाने से एमजीएम की स्थिति चिंताजनक हो गई है:

  • OPD सेवाएं ठप: सुबह से ही ओपीडी के बाहर मरीजों की भीड़ जमा थी, लेकिन डॉक्टरों के नहीं होने से कई गंभीर मरीजों को भी बिना इलाज लौटना पड़ा।
  • इमरजेंसी का हाल: सीनियर डॉक्टरों ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन जूनियर डॉक्टरों की गैरमौजूदगी में वर्कलोड बढ़ जाने से व्यवस्था लड़खड़ाती दिखी।

प्रशासन का रुख

अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन ने जूनियर डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि स्टाइपेंड और सुरक्षा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उच्च अधिकारियों और सरकार से बात की जा रही है, ताकि मरीजों के हितों की रक्षा की जा सके।


प्रभंजन कुमार , जमशेदपुर।

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