धनबाद (डेस्क): कोयलांचल धनबाद में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के अंतर्गत आने वाले रिहायशी इलाकों में एक बार फिर खतरे की घंटी बज गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भले ही भूमिगत आग (Underground Fire) के दायरे में कुछ कमी दर्ज की गई हो, लेकिन भू-धंसान (Land Subsidence) और जहरीली गैस रिसाव ने आबादी वाले क्षेत्रों में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
जमींदोज होते घर और गैस का कहर
हालिया दिनों में हुई घटनाओं ने व्यवस्था और सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। जिले के कई कोलियरी क्षेत्रों में अचानक जमीन धंसने से कई मकान मलबे में तब्दील हो गए हैं।
- जान-माल का नुकसान: जमीन धंसने की घटनाओं में कई लोगों के दबने और मौत होने की आशंका जताई गई है।
- जहरीला रिसाव: जमीन की दरारों से निकलने वाली जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड और अन्य गैसों के कारण कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जिससे रिहायशी इलाकों में रहना मौत को दावत देने जैसा हो गया है।
अवैध खनन: समस्या की असली जड़
विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों का मानना है कि इस तबाही के पीछे अवैध उत्खनन सबसे बड़ा कारण है।
“बंद पड़ी खदानों और कोलियरी के मुहाने पर माफियाओं द्वारा किए जा रहे अवैध खनन ने जमीन को अंदर से खोखला कर दिया है। यही वजह है कि आबादी वाले इलाकों में कभी भी जमीन धंस जा रही है।”
इस अवैध कारोबार के दौरान अक्सर चाल धंसने से मजदूरों की मौत की खबरें भी सामने आती रहती हैं, जिन्हें अक्सर दबा दिया जाता है।
पुनर्वास की कछुआ चाल से बढ़ता जोखिम
बीसीसीएल और जिला प्रशासन ने खतरे वाले इलाकों को चिह्नित तो किया है, लेकिन झरिया पुनर्वास योजना (JRP) की धीमी गति ने लोगों को जोखिम में डाल रखा है।
- खतरे में जिंदगियां: कई इलाकों में घरों में इतनी बड़ी दरारें आ चुकी हैं कि लोग अपना आशियाना छोड़कर पलायन करने को मजबूर हैं।
- जनता की मांग: प्रभावित परिवारों का कहना है कि प्रशासन केवल नोटिस थमाकर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है, जबकि उन्हें सुरक्षित स्थानों पर बसाने की प्रक्रिया बेहद धीमी है।
निष्कर्ष: बड़े हादसे की आहट
बीसीसीएल क्षेत्र की स्थिति फिलहाल ‘शांत ज्वालामुखी’ जैसी बनी हुई है। यदि अवैध खनन पर लगाम नहीं कसी गई और संवेदनशील इलाकों से लोगों को जल्द शिफ्ट नहीं किया गया, तो आने वाले समय में धनबाद को किसी बड़ी त्रासदी का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन को केवल कागजी कार्रवाई के बजाय धरातल पर ठोस कदम उठाने की जरूरत है।










