13 प्रखंडों में जमीन चिन्हित करने का टास्क, रोजगार से जुड़ी डिग्री पर सरकार का फोकस
रांची | विशेष संवाददाता झारखंड के युवाओं के लिए उच्च शिक्षा और करियर के मोर्चे पर एक बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने के लिए 7 नए प्रोफेशनल कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है। इन कॉलेजों में केवल पारंपरिक डिग्री ही नहीं, बल्कि जॉब-ओरिएंटेड (रोजगार आधारित) कोर्स कराए जाएंगे, ताकि पढ़ाई पूरी होते ही युवाओं के हाथ में नौकरी हो।
प्रमुख बिंदु: एक नजर में
- लक्ष्य: कौशल आधारित शिक्षा (Skill-based Education) को बढ़ावा देना।
- प्रक्रिया: 13 चिन्हित प्रखंडों में जमीन तलाशने का निर्देश जारी।
- नए कोर्स: मैनेजमेंट, कंप्यूटर साइंस, और तकनीकी शिक्षा पर जोर।
- जमशेदपुर अपडेट: 2026-27 सत्र से नए कॉलेज में एडमिशन शुरू होने की उम्मीद।
नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत बड़ी पहल
यह कदम नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि झारखंड का युवा केवल डिग्री धारक बनकर न रहे, बल्कि उसके पास ऐसे तकनीकी गुण हों जो उसे बाजार की जरूरतों के हिसाब से ‘एम्प्लॉयबल’ बनाएं। इन कॉलेजों में प्रबंधन और तकनीकी विशेषज्ञों की देखरेख में पाठ्यक्रम तैयार किए जाएंगे।
13 प्रखंडों में जमीन की तलाश तेज
सरकार ने प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं कि 13 विभिन्न प्रखंडों में उपयुक्त भूमि का चयन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपी जाए। जमीन चिन्हित होने के बाद निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले छात्रों को होगा, जिन्हें अब उच्च शिक्षा के लिए बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
जमशेदपुर को मिली सौगात
इसी योजना के अंतर्गत, जमशेदपुर में एक प्रोफेशनल कॉलेज के संचालन को मंजूरी मिल गई है। यहाँ सत्र 2026-27 से पढ़ाई शुरू होने की संभावना है।
प्रस्तावित कोर्स: > * MBA (मास्टर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन)
- IPM (इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट)
- कंप्यूटर एप्लिकेशन (BCA/MCA)
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि झारखंड में लंबे समय से इंडस्ट्री-ओरिएंटेड शिक्षा का अभाव था। स्थानीय उद्योगों और कंपनियों को अक्सर प्रशिक्षित कर्मियों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता था। इन कॉलेजों के खुलने से:
- स्थानीय युवाओं को अपने ही जिले में प्लेसमेंट मिलेगा।
- उद्योगों को प्रशिक्षित ‘ह्यूमन रिसोर्स’ (Human Resource) प्राप्त होगा।
- स्वरोजगार और स्टार्टअप के नए अवसर पैदा होंगे।
झारखंड सरकार की यह पहल राज्य के शैक्षिक ढांचे में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। यदि समय पर जमीन का आवंटन और निर्माण कार्य पूरा होता है, तो आने वाले कुछ वर्षों में झारखंड के युवाओं के पास बेहतर करियर के विकल्प मौजूद होंगे।










