चाईबासा मंडल कारा का औचक निरीक्षण: झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर स्वास्थ्य सुविधाओं की हुई जाँच

Johar News Times
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चाईबासा | माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में, चाईबासा मंडल कारा में बंदियों के स्वास्थ्य अधिकारों और जेल की चिकित्सा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए एक उच्चस्तरीय टीम द्वारा औचक निरीक्षण किया गया।

मुख्य उद्देश्य और नेतृत्व

यह निरीक्षण प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (जिला विधिक सेवा प्राधिकार), मोहम्मद शाकिर के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। टीम का नेतृत्व निम्नलिखित अधिकारियों ने किया:

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  • एंजिलिना नीलम मडकी: प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA)।
  • डॉ. जुझार मांझी: सिविल सर्जन।
  • डॉ. शिव चरण हांसदा: उप सिविल सर्जन सह अस्पताल उपाधीक्षक।

निरीक्षण के मुख्य बिंदु

निरीक्षण टीम ने मंडल कारा के भीतर मानवाधिकारों और विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं की बारीकी से समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया:

  • मेडिकल वार्ड का दौरा: टीम ने जेल के अस्पताल और मेडिकल वार्ड का भ्रमण कर वहां भर्ती मरीज बंदियों से सीधे संवाद किया और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
  • दवाओं की उपलब्धता: बंदियों को समय पर और सही मात्रा में दवाएं मिल रही हैं या नहीं, इसका गहन जायजा लिया गया।
  • स्वच्छता और व्यवस्था: वार्ड में साफ-सफाई के स्तर, बिस्तरों (बेड्स) की उपलब्धता और सामान्य स्वच्छता मानकों की जांच की गई।
  • आपातकालीन सुविधाएं: आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और उनकी कार्यक्षमता की समीक्षा की गई।

निष्कर्ष

इस निरीक्षण का प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जेल में निरुद्ध बंदियों को उनके मौलिक मानवाधिकारों के तहत समुचित चिकित्सा सहायता प्राप्त हो रही है। अधिकारियों ने जेल प्रशासन को स्वास्थ्य सुविधाओं में निरंतर सुधार और स्वच्छता बनाए रखने के आवश्यक निर्देश भी दिए।

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