इफ्तार की तैयारी तेज, फल बाजारों में ग्राहकों की बढ़ी भीड़

जमशेदपुर: रमजान की रौनक से गुलजार हुए बाजार, इबादत और भाईचारे का दिखा संगम

Johar News Times
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जमशेदपुर: इबादतों और रहमतों का मुकद्दस महीना रमजान अपने साथ बरकत और खुशियां लेकर आया है। “इबादत से हो दिल रोशन, मुबारक हो आपको रमजान” के नारों और दुआओं के बीच लौहनगरी जमशेदपुर में उत्सव का माहौल है। शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में शुमार साकची में रमजान की खास रौनक देखने को मिल रही है।

बाजारों में इफ्तारी की धूम

रमजान के इस पवित्र महीने में हर तरफ भाईचारे और भक्ति का वातावरण बना हुआ है। दिन भर का रोजा रखने के बाद शाम की अजान होते ही लोग इफ्तारी के लिए मस्जिदों और घरों में जुटने लगते हैं। साकची के बाजारों में फलों, सेवइयों और विभिन्न प्रकार के लजीज पकवानों के ठेले सजे हुए हैं। लोग भारी संख्या में खरीदारी के लिए बाजारों का रुख कर रहे हैं।

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महंगाई और ऑनलाइन बाजार का व्यापार पर असर

हालाँकि बाजारों में भीड़ है, लेकिन स्थानीय छोटे व्यापारियों और ठेले वालों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है। व्यापारियों से बातचीत के दौरान व्यापार के बदलते स्वरूप और चुनौतियों के बारे में निम्नलिखित बातें उभर कर आईं:

  • बिक्री में गिरावट: कुछ दुकानदारों का मानना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार बिक्री कम है। इसका एक बड़ा कारण हर चौक-चौराहों पर ठेलों की बढ़ती संख्या और फेरीवालों का घर-घर जाकर सामान बेचना है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग का प्रभाव: व्यापारियों ने बताया कि ‘ब्लिंकिट’ और ‘रिलायंस’ जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए लोग अब घर बैठे सामान मंगवा रहे हैं, जिससे सड़क किनारे व्यापार करने वालों पर दबाव बढ़ा है।
  • महंगाई की मार: फलों की कीमतों में उछाल देखा गया है। संतरा ₹100, अंगूर ₹160 से ₹200 और सेब भी ऊंचे दामों पर बिक रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि ₹100-₹200 से नीचे कोई फल नहीं होने के कारण ग्राहक भी बहुत सोच-समझकर खरीदारी कर रहे हैं।

फलों के दामों में उतार-चढ़ाव

कीमतों की बात करें तो तरबूज और पपीते के दामों में शुरुआती बढ़त के बाद अब कुछ गिरावट देखी जा रही है। एक विक्रेता ने बताया:

“शुरुआत में तरबूज की थोक खरीद ₹40-₹45 किलो थी, जो अब ₹30-₹32 तक आ गई है और बाजार में यह ₹40 से ₹50 किलो बिक रहा है। पपीता भी थोक में ₹10 कम हुआ है।”

कड़ी मेहनत और उम्मीद

तपती धूप और लंबी ड्यूटी के बावजूद दुकानदार सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक (लगभग 15 घंटे) ठेलों पर डटे हुए हैं। होली के दौरान बाजार में थोड़ी शांति जरूर थी, लेकिन अब इफ्तारी की खरीदारी के लिए ग्राहकों की चहल-पहल फिर से लौट आई है।

तस्वीरें साफ बयां कर रही हैं कि बढ़ती महंगाई और चुनौतियों के बावजूद, रमजान का उत्साह कम नहीं हुआ है और लोग पूरी शिद्दत के साथ इस पाक महीने का जश्न मना रहे हैं।

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रिपोर्ट: श्रेया, जीटीए न्यूज़ लाइव, जमशेदपुर।

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