केंद्र सरकार की ओर से नई दिल्ली में आज से दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का आगाज हो रहा है। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में होने वाले इस हाई-प्रोफाइल सम्मेलन में देश भर के राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी और नीति-निर्माता जुट रहे हैं। इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित ग्राम–विकसित भारत’ के विजन को धरातल पर उतारना और केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करना है।
इस सम्मेलन में झारखंड का पक्ष मजबूती से रखने के लिए राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव मनोज कुमार, ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता प्रमुख और झारखंड राज्य ग्रामीण विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता मनोहर लाल समेत कई वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली पहुंच चुके हैं।
झारखंड के एजेंडे पर रहेंगे ‘पीएम आवास’ और ‘पीएमजीएसवाई-4’
झारखंड सरकार इस मंच का उपयोग राज्य के ग्रामीण विकास की लंबित परियोजनाओं को हरी झंडी दिलाने के लिए करेगी। सम्मेलन में झारखंड की ओर से निम्नलिखित मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा:
- प्रधानमंत्री आवास योजना : राज्य के लिए नए आवासों की जल्द से जल्द स्वीकृति दिलाना।
- पीएमजीएसवाई-4 : प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के तहत प्रस्तावित ग्रामीण सड़कों को मंजूरी दिलवाना।
- मनरेगा : मनरेगा के तहत फंड आवंटन और योजनाओं की प्रगति पर चर्चा।
राज्य सरकार का लक्ष्य: झारखंड डेलिगेशन का पूरा जोर इस बात पर रहेगा कि केंद्र के पास लंबित पड़े राज्य के प्रस्तावों को तुरंत मंजूरी मिले, ताकि झारखंड के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क और बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा सके।
योजनाओं की प्रगति और आगामी रोडमैप पर होगा मंथन
इस दो दिवसीय सम्मेलन में केवल नए प्रस्तावों पर ही नहीं, बल्कि पहले से चल रही ग्रामीण विकास योजनाओं की मौजूदा प्रगति की भी समीक्षा की जाएगी। केंद्र और राज्यों के बीच योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर एक ठोस आगामी कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
