रामगढ़ जिले में मुहर्रम का पर्व पारंपरिक अकीदत, अनुशासन और आपसी सौहार्द के साथ मनाया जा रहा है। शुक्रवार को जिले के सोलिया, पलानी, उच्चारिंगा, पतरातू बस्ती और जयनगर गांव के मुस्लिम धर्मावलंबियों ने पूरी शिद्दत और उत्साह के साथ छोटी ताजिया का जुलूस निकाला। इस मातमी जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए और शांतिपूर्ण माहौल में भाईचारे व सामाजिक एकता का संदेश दिया। हाथों में मजहबी परचम थामे लोग या हुसैन की सदाओं के साथ निर्धारित मार्ग से आगे बढ़े।
मैदान में युवाओं ने दिखाए हैरतअंगेज करतब
जुलूस जब बिरसा मार्केट स्थित इकनॉमिक्स स्कूल मैदान पहुंचा, तो वहां का माहौल देखने लायक था। विभिन्न अखाड़ा दलों से आए युवाओं और खिलाड़ियों ने लाठी-डंडे और तलवारबाजी के पारंपरिक युद्धक कला के हैरतअंगेज करतब प्रस्तुत किए। अखाड़े के जांबाजों ने अपने हुनर से मैदान में समां बांध दिया और वहां मौजूद दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। इन करतबों को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी भारी भीड़ जुटी थी।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, सौहार्द की दिखी मिसाल
मुहर्रम जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रामगढ़ पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। संवेदनशील मोड़ों और पूरे जुलूस मार्ग पर पुलिस बल के जवान तैनात रहे। स्थानीय कमेटियों और प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम बेहद व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
ग्रामीणों ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी मुहर्रम पर गंगा-जमुनी तहज़ीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां सभी समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग कर आपसी भाईचारे को और मजबूत किया ।
