झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के विधानसभा क्षेत्र जामताड़ा के करमाटांड़ प्रखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली लोगों के लिए बड़ी चिंता का विषय बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना, प्रसव और अन्य आपात स्थितियों में समय पर एंबुलेंस और चिकित्सकीय सुविधा नहीं मिल पाती, जिससे मरीजों को निजी वाहन और निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है।
108 एंबुलेंस सेवा पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि 108 एंबुलेंस सेवा को फोन करने पर अक्सर समय पर वाहन उपलब्ध नहीं हो पाता। कई बार कॉल सेंटर से एंबुलेंस पहुंचने में देरी की बात कहकर निजी वाहन की व्यवस्था करने की सलाह दी जाती है। इससे गरीब और मजदूर परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
अस्पताल में खड़ी-खड़ी जंग खा रही एंबुलेंस
करमाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पूर्व कृषि मंत्री एवं पूर्व विधायक रणधीर कुमार सिंह के प्रयास से उपलब्ध कराई गई एंबुलेंस रखरखाव के अभाव में वर्षों से अनुपयोगी पड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह एंबुलेंस चालू रहती तो कई मरीजों को समय पर इलाज मिल सकता था।
रात होते ही बिगड़ जाती है स्थिति
ग्रामीण हैस्वादर अली, अख्तर अंसारी, सौरभ गुप्ता और प्रकाश यादव का कहना है कि शाम ढलते ही स्वास्थ्य सेवाएं लगभग ठप हो जाती हैं। प्रसव जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी लोगों को ऑटो या निजी वाहन किराये पर लेना पड़ता है, जबकि दुर्घटना की स्थिति में समय पर न एंबुलेंस मिलती है और न ही चिकित्सक।
अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा?
करमाटांड़ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ. विशाल कुमार ने बताया कि अस्पताल की अपनी कोई एंबुलेंस नहीं है। 108 एंबुलेंस सेवा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जाती है। उन्होंने कहा कि गंभीर मामलों में अस्पताल प्रबंधन भी एंबुलेंस उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करता है। हालांकि स्थानीय लोगों का मानना है कि स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत किए बिना ग्रामीणों की परेशानी दूर नहीं होगी।
