घाटशिला: एक साल बाद भी अधूरी सड़क पर विधायक सोमेश सोरेन का फूटा गुस्सा, संवेदक पर होगी बड़ी कानूनी कार्रवाई!

"ठेकेदार की मनमानी पर भारी पड़े घाटशिला विधायक; गाजीडीह सड़क मामले में सचिव को पत्र लिख दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश!"

Johar News Times
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सरकारी योजनाओं में लापरवाही और लेटलतीफी करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ घाटशिला के विधायक सोमेश चन्द्र सोरेन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। हाता–मुसाबनी मुख्य मार्ग से गाजीडीह तक बनने वाली सड़क के निर्माण में हो रही देरी और ठेकेदार की लापरवाही को लेकर विधायक ने सीधे सरकार के पास शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग, झारखंड सरकार के सचिव को पत्र लिखकर संबंधित संवेदक के विरुद्ध कड़ी कानूनी व विभागीय कार्रवाई करने और सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने की मांग की है।

📍 1 साल पहले हुआ था शिलान्यास, अब तक काम अधूरा

विधायक सोमेश सोरेन ने पत्र के जरिए विभाग को बताया कि:

  • योजना का नाम: मुख्यमंत्री ग्राम सड़क सुदृढ़ीकरण योजना।
  • सड़क की लंबाई: 1.655 किलोमीटर।
  • शिलान्यास की तिथि: 6 अप्रैल 2025।

यह सड़क गाजीडीह गांव के बिल्कुल बीच से होकर गुजरती है, जो पूरे क्षेत्र के ग्रामीणों के आवागमन के लिए लाइफलाइन मानी जाती है।

सड़क खोदकर भागा ठेकेदार, ग्रामीण झेल रहे हैं नरकीय स्थिति

विधायक ने संवेदक की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिलान्यास के तुरंत बाद प्रारंभिक काम शुरू करने के नाम पर सड़क को पूरी तरह से खोद दिया गया। लेकिन, उसके बाद निर्माण कार्य को अधर में ही छोड़ दिया गया।

“सड़क खोदकर छोड़ देने से आज इसकी स्थिति बेहद जर्जर और खतरनाक हो चुकी है। बारिश के मौसम में जगह-जगह जलजमाव हो रहा है, जिससे ग्रामीणों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। हर वक्त दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है।” — सोमेश चन्द्र सोरेन, विधायक (घाटशिला)

उच्चस्तरीय जांच और ब्लैकलिस्ट करने की मांग

विधायक ने सचिव को लिखे पत्र में साफ कहा कि शिलान्यास के एक वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी काम ठप पड़ा है। यह न सिर्फ सरकारी योजनाओं का मखौल उड़ाना है, बल्कि क्षेत्र की जनता को विकास के लाभ से वंचित रखना भी है। उन्होंने विभाग से मांग की है कि:

  1. इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
  2. दोषी संवेदक के खिलाफ नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  3. अधूरे कार्य को अविलंब पुनः शुरू कराकर एक निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि जनता को इस नरक से राहत मिल सके।
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