राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान जमशेदपुर के नाम एक और बड़ी राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज हुई है। संस्थान के तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने कैंपस प्लेसमेंट में बड़ी सफलता हासिल करते हुए देश की रक्षा प्रणाली को मजबूत करने वाली प्रतिष्ठित कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अधीन काम करने वाले इस नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम ने इन छात्रों को 13 लाख रुपये वार्षिक पैकेज की पेशकश की है।
इन छात्रों ने बढ़ाया जमशेदपुर का मान
संस्थान के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल के अनुसार, 11 और 12 जून को आयोजित हुई बेहद कठिन और बहुस्तरीय कैंपस भर्ती प्रक्रिया को पार कर इन तीनों छात्रों का चयन हुआ है:
- लंका श्री लक्ष्मी प्रसन्ना कुमार (इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग – ECE)
- तनिषा श्रीवास्तव (यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग – Mechanical)
- प्रियांशु कुमार (यांत्रिक अभियांत्रिकी विभाग – Mechanical)
क्या है ‘सीकर डेवलपमेंट’ पद, जिसके लिए हुआ चयन?
इन तीनों होनहार इंजीनियरों का चयन बीईएल में अत्यंत महत्वपूर्ण “सीकर डेवलपमेंट” पद के लिए किया गया है। रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, आधुनिक मिसाइल प्रणालियों में इस पद की भूमिका बेहद संवेदनशील और रणनीतिक होती है। ये छात्र मिसाइलों में इस्तेमाल होने वाली अगली पीढ़ी की सीकर तकनीक के विकास पर काम करेंगे।
समझिए क्या होती है मिसाइल की ‘आंख’ ?
सीकर तकनीक को किसी भी मिसाइल की “आंख” कहा जाता है। यह वह गाइडेड प्रणाली है जो मिसाइल को दागने के बाद उसे हवा में ही दुश्मन के लक्ष्य को ढूंढने, उसका पीछा करने और अत्यधिक सटीकता के साथ उसे नष्ट करने में मदद करती है। इसमें रडार, इन्फ्रारेड, लेजर और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल सेंसर जैसी जटिल तकनीकों का इस्तेमाल होता है। रक्षा अनुसंधान के क्षेत्र में ‘स्वदेशी सीकर तकनीक’ का विकास भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में गेमचेंजर माना जा रहा है।
देश की रक्षा तकनीक को मिलेगी नई ऊंचाई: प्रो. गौतम सूत्रधार
एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधार ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इस कामयाबी को संस्थान के लिए एक बड़ा मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा:
“यह उपलब्धि संस्थान में दी जा रही उच्च स्तरीय तकनीकी शिक्षा, उन्नत अनुसंधान और नवाचार का प्रत्यक्ष प्रमाण है। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे ये छात्र देश की रक्षा प्रौद्योगिकी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे और आने वाले जूनियर छात्रों के लिए प्रेरणा बनेंगे।”
छात्रों की इस बड़ी सफलता से पूरे एनआईटी परिसर में हर्ष का माहौल है और प्राध्यापकों ने इसे देश सेवा से जुड़ने का एक बेहतरीन अवसर बताया है।
