राजधानी दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल बैठक संपन्न हो गई है। इस बैठक में आगामी राजनीतिक परिदृश्य को लेकर कई अहम संगठनात्मक फैसलों और विपक्षी एकजुटता की रणनीति पर गहन मंथन हुआ। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के तमाम शीर्ष और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। लगभग तीन घंटे तक चली इस बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर विस्तार से चर्चा की गई।
TMC के विलय की खबरें पूरी तरह खारिज
पिछले कुछ दिनों से राजनीतिक गलियारों में ममता बनर्जी की पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के कांग्रेस में संभावित विलय को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर इस बैठक के बाद पूरी तरह से विराम लग गया है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने साफ कर दिया है कि बैठक में इस विषय पर न तो कोई बात हुई और न ही ऐसा कोई प्रस्ताव एजेंडे में शामिल था।
कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल का बड़ा बयान
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने इन खबरों को पूरी तरह से निराधार और कोरी अफवाह करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा:
“TMC के विलय की खबरों में रत्ती भर भी सच्चाई नहीं है, यह केवल कुछ हलकों द्वारा फैलाई गई अफवाह है। हमारी बैठक का मुख्य एजेंडा केवल अपने संगठन को धार देना और विपक्षी एकता को और अधिक प्रभावी बनाना था।”
‘INDIA’ गठबंधन को और मजबूत करने पर जोर
सूत्रों के मुताबिक, बैठक का पूरा फोकस ‘INDIA’ गठबंधन की भूमिका को और ज्यादा मजबूत और सक्रिय बनाने पर रहा। कांग्रेस नेतृत्व ने यह संदेश साफ कर दिया है कि पार्टी का पूरा ध्यान किसी राजनीतिक दल के विलय पर नहीं, बल्कि गठबंधन के सहयोगी दलों के साथ मिलकर सरकार की नीतियों के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा तैयार करने पर है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस के बीच समन्वय को लेकर भी बैठक में सकारात्मक चर्चा होने की बात सामने आई है।
