टीएमसी में बड़ा सियासी टकराव, कल्याण बनर्जी का अभिषेक बनर्जी पर हमला, ममता बनर्जी को दिया अल्टीमेटम

टीएमसी में अंदरूनी कलह तेज, कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी मामलों से दूरी बनाई और ममता बनर्जी को सख्त अल्टीमेटम दिया।

Johar News Times
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पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस के भीतर अंदरूनी विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के चार बार के लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कल्याण बनर्जी ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए बड़ा राजनीतिक संकेत दिया है।

कल्याण बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में चल रहे एक मामले में अभिषेक बनर्जी का केस लड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब वह किसी भी कानूनी मामले में अभिषेक बनर्जी का प्रतिनिधित्व नहीं करेंगे। उनका कहना है कि यह निर्णय उन्होंने अभिषेक बनर्जी के “अहंकारी व्यवहार” के कारण लिया है।

कल्याण बनर्जी ने आरोप लगाया कि हाल ही में उन्हें और उनके परिवार को अपमानित महसूस कराया गया, जिसके बाद उन्होंने यह सख्त फैसला लिया। उन्होंने दावा किया कि एक जूनियर वकील द्वारा केस की पैरवी कराने की बात और उनसे जुड़ी घटनाओं ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।

उन्होंने कहा कि वह पिछले 45 वर्षों से कानूनी पेशे में हैं और अब किसी भी तरह का “अहंकार” बर्दाश्त नहीं करेंगे। साथ ही उन्होंने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि उन्हें “अभिषेक बनर्जी और वफादार नेताओं” में से किसी एक को चुनना होगा।

कल्याण बनर्जी ने यह भी दावा किया कि हाल के विधानसभा चुनावों में टीएमसी की स्थिति कमजोर होने के बावजूद नेतृत्व के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मौजूदा स्थिति के लिए नेतृत्व की नीतियां जिम्मेदार हैं।

इस बीच, कल्याण बनर्जी के अदालत में पेश न होने के बाद मामले की पैरवी किसी अन्य वकील द्वारा की गई। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह अब किसी भी परिस्थिति में अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामलों से दूर रहेंगे।

टीएमसी के भीतर इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है और इसे पार्टी के अंदरूनी मतभेदों का गंभीर संकेत माना जा रहा है।

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