रांची/चाईबासा: झारखंड में 1 से 30 जून तक मलेरिया रोधी माह 2026 मनाया जा रहा है। राज्य सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में मलेरिया की रोकथाम, जनजागरूकता और बचाव को लेकर विशेष महाभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पश्चिमी सिंहभूम के उपायुक्त मनीष कुमार ने जिलेवासियों से मलेरिया के प्रति सतर्क रहने और बचाव संबंधी उपाय अपनाने की अपील की है।
उपायुक्त ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम राज्य के उन जिलों में शामिल है जहां मलेरिया का प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखा जाता रहा है। ऐसे में अभियान को सफल बनाने के लिए आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है।
मच्छरदानी के इस्तेमाल और स्वच्छता पर जोर
उपायुक्त ने लोगों से रात में नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करने तथा शरीर को पूरी तरह ढंकने वाले कपड़े पहनकर सोने की अपील की। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में मच्छरों के पनपने की संभावना बढ़ जाती है, इसलिए घरों के आसपास, बाल्टी, बर्तन या अन्य पात्रों में पानी जमा नहीं होने देना चाहिए। स्वच्छ पानी का उपयोग करने और पानी को उबालकर पीने की भी सलाह दी गई है।
बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
मनीष कुमार ने कहा कि बुखार, कमजोरी या किसी भी प्रकार की अस्वस्थता को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर जांच और उपचार कराना जरूरी है। उन्होंने लोगों को जमीन पर सोने से बचने की भी सलाह दी, क्योंकि इससे मलेरिया के साथ-साथ सर्पदंश का खतरा भी बना रहता है।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
उपायुक्त ने कहा कि यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने परिवार, पड़ोस और आसपास के लोगों तक मलेरिया से बचाव की जानकारी पहुंचाए, तो जिले और राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में यह अभियान महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने सभी नागरिकों से मलेरिया उन्मूलन महाभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने और स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
