मुंबई: हिंदी फिल्म उद्योग के वरिष्ठ निर्माता और पूर्व सीबीएफसी अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से लीवर संबंधी बीमारी से जूझ रहे थे और मुंबई के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन पर वर्तमान सीबीएफसी अध्यक्ष शशि शेखर वेम्पति ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे सीबीएफसी परिवार की ओर से दिवंगत निर्माता को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है। फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोगों ने भी उनके निधन को अपूरणीय क्षति बताया है।
ट्रेड एनालिस्ट अतुल मोहन ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि कुछ दिन पहले ही उनकी बातचीत हुई थी। उन्होंने कहा कि पहलाज निहलानी फिल्मों के प्रति बेहद समर्पित थे और सीबीएफसी अध्यक्ष रहते हुए फिल्मों को समय पर प्रमाणन दिलाने के लिए विशेष प्रयास करते थे। पहलाज निहलानी का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर मुंबई में किया जाएगा। उन्होंने वर्ष 1982 में हथकड़ी फिल्म से निर्माता के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई सफल फिल्मों का निर्माण कर बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।
उन्हें विशेष रूप से आंखें, शोला और शबनम, अंदाज, तलाश और रंगीला राजा जैसी फिल्मों के निर्माण के लिए याद किया जाएगा। इनमें आंखें अपने समय की सबसे बड़ी सुपरहिट फिल्मों में शामिल रही थी। फिल्म निर्माण और सेंसर बोर्ड में अपनी सक्रिय भूमिका के माध्यम से पहलाज निहलानी ने भारतीय सिनेमा को महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके निधन से फिल्म उद्योग ने एक अनुभवी निर्माता, प्रशासक और सिनेमा प्रेमी को खो दिया है।
