झारखंड में आगामी मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण को लेकर तैयारियां युद्ध स्तर पर चल रही हैं। राज्य में चल रही मतदाता मैपिंग प्रक्रिया में पिछले कुछ दिनों में भारी तेजी देखी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि जब से अन-मैप्ड मतदाताओं की सूची को सर्चेबल फॉर्मेट में वेबसाइट पर जारी किया गया है, तब से इस प्रक्रिया में तेजी आई है। आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महज एक सप्ताह के भीतर राज्यभर में 5 लाख 14 हजार 546 नए मतदाताओं की मैपिंग सफलतापूर्वक पूरी की गई है।
75% से अधिक मतदाताओं की मैपिंग पूरी निर्वाचन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, झारखंड में अब तक कुल 75.19 प्रतिशत मतदाताओं की मैपिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसका मतलब है कि अब तक राज्य के 1 करोड़ 99 लाख 15 हजार 463 मतदाताओं का सफल मिलान किया जा चुका है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह से सटीक, अपडेटेड और त्रुटिरहित बनाना है।
15 जून तक का समय, बीएलओ से करें संपर्क मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राज्य के नागरिकों से अपील की है कि जिन मतदाताओं की मैपिंग अभी तक किन्हीं कारणों से बाकी रह गई है, वे 15 जून तक अपने संबंधित क्षेत्र के बीएलओ से तुरंत संपर्क करें। बीएलओ द्वारा पूर्व प्रकाशित सूची के आधार पर मैपिंग का यह कार्य डोर-टू-डोर और केंद्रों पर किया जा रहा है।
गति बढ़ाने के लिए मंगलवार को होगी हाई-लेवल बैठक इस अभियान को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए मंगलवार को एक राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई गई है। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी शामिल होंगे। बैठक के दौरान उन विधानसभा क्षेत्रों और बूथों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां मैपिंग की रफ्तार धीमी है। साथ ही बीएलओ को आने वाली तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों को दूर करने पर रणनीति बनाई जाएगी ताकि कोई भी योग्य मतदाता छूट न जाए।
