झारखंड में मौसम ने अचानक करवट लेते हुए जहां भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं तेज आंधी, बारिश और वज्रपात ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। राज्य के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को हुई वज्रपात की घटनाओं में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई है। मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार राजस्थान से ओडिशा तक फैली निम्न दबाव की द्रोणिका के प्रभाव से झारखंड में मौसम अस्थिर बना हुआ है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की अपील की है।
वज्रपात की घटनाओं में रांची के इटकी में एक 12 वर्षीय बालिका, गढ़वा के कांडी में सोनमनिया देवी (45), मेराल में उदय सिंह (32) तथा धनबाद और बोकारो में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। वहीं पलामू, कोडरमा और रांची समेत कई जिलों में आठ लोगों के झुलसने की सूचना है। गिरिडीह में भी एक बच्ची वज्रपात की चपेट में आकर बेहोश हो गई।
तेज आंधी और बारिश का सबसे अधिक असर बोकारो में देखने को मिला, जहां राज्य की सबसे तेज हवा और सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। हजारीबाग में पेड़ उखड़ने से यातायात प्रभावित हुआ, जबकि गुमला में कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। बारिश के कारण राज्यभर में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची का अधिकतम तापमान एक दिन में करीब 9 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया। हजारीबाग राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 28.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। तापमान में आई गिरावट से लोगों को भीषण गर्मी और लू से बड़ी राहत मिली है।
