सरायकेला के ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में इस वर्ष की रथयात्रा बेहद खास होने जा रही है। दशकों के लंबे इंतजार के बाद महाप्रभु के लिए एक भव्य और ऐतिहासिक नए रथ का निर्माण पूरा कर लिया गया है। आगामी रथयात्रा 2026 की भव्य तैयारियों और मंदिर कमेटी के पुनर्गठन को लेकर बुधवार को श्री जगन्नाथ भवन में ‘श्री जगन्नाथ सेवा समिति’ एवं ‘मार्गदर्शक मंडली’ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
रथयात्रा 2026 का पूरा शेड्यूल
बैठक में आगामी धार्मिक अनुष्ठानों की तिथियां तय करते हुए तैयारियों की रूपरेखा तैयार की गई:
- 29 जून 2026: देव स्नान पूर्णिमा
- 15 जुलाई 2026: नेत्र उत्सव
- 16 जुलाई 2026: भव्य रथयात्रा
- 24 जुलाई 2026: बाहुड़ा यात्रा
नया रथ बनने के बाद अब होगा कमेटी का पुनर्गठन
बैठक के दौरान जानकारी दी गई कि श्री जगन्नाथ सेवा समिति की वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल वर्ष 2024 में ही समाप्त हो गया था। हालांकि, नए रथ के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना के कारण इस कमेटी का कार्यकाल आगे बढ़ाया गया था।
समिति के अथक प्रयासों से न केवल ऐतिहासिक नए रथ का निर्माण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, बल्कि मंदिर के जीर्णोद्धार और अन्य विकास कार्यों को भी गति मिली। अब इन कार्यों के पूरा होने के बाद, आगामी आयोजनों को और बेहतर बनाने के लिए पारदर्शी तरीके से नई कमेटी का गठन किया जाएगा।
7 जून को होगी आम बैठक: सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया है कि 7 जून 2026 (रविवार) को शाम 6:30 बजे जगन्नाथ भवन में एक आम बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में अगले तीन वर्षों के लिए नई समिति का गठन किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण बैठक में समिति के अध्यक्ष राजा सिंहदेव, सचिव पार्थसारथी दाश, कोषाध्यक्ष शंकर सतपथी और मंदिर के मुख्य पुजारी ब्रह्मानंद महापात्र उपस्थित थे। इनके अलावा बादल दुबे, सुमित महापात्र, लिपु महांति, पवन कवि सहित बड़ी संख्या में मार्गदर्शक मंडली के सदस्य, सेवायत और श्रद्धालु मौजूद रहे।
