इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच जारी संघर्ष एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। संघर्ष-विराम के बावजूद इजरायली सेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में हवाई और जमीनी हमले तेज कर दिए हैं। ताजा हमलों में कम से कम 34 लोगों की मौत हुई है, जबकि 40 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। लगातार बमबारी के कारण दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में दहशत का माहौल है और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के प्रभाव वाले कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान के कई कस्बों और गांवों को खाली कराना भी शुरू कर दिया है।
दक्षिणी लेबनान में बढ़ी सैन्य कार्रवाई
- दक्षिणी लेबनान में लगातार हवाई हमले और गोलाबारी जारी।
- बेका क्षेत्र के मशघारा और काराउन बांध के आसपास भी हमले।
- कई इमारतों और ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबर।
- लोग जान बचाने के लिए सुरक्षित इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं।
नबातीह शहर खाली कराने की कार्रवाई
इजरायली डिफेंस फोर्सेज ने दक्षिणी लेबनान के नबातीह शहर में लोगों को निकालना शुरू कर दिया है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उत्तरी इजरायल के सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा के लिए यह कार्रवाई जरूरी है।
दोनों पक्षों के दावे
- इजरायली सेना के अनुसार उत्तरी इजरायल में संभावित हवाई हमलों की आशंका के चलते सायरन बजाए गए।
- हिजबुल्लाह ने दावा किया है कि उसने दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजरायल में इजरायली सैन्य ठिकानों पर 22 हमले किए हैं।
मशघारा गांव में सबसे बड़ा हमला
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बेका घाटी के मशघारा गांव में एक इमारत पर हुए इजरायली हवाई हमले में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। लगातार बढ़ते तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं संभले, तो यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया में बड़े सैन्य टकराव का रूप ले सकता है।
