भारत और इटली ने वर्ष 2027 को “संस्कृति और पर्यटन वर्ष” के रूप में मनाने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और दोनों प्राचीन सभ्यताओं के बीच संवाद को मजबूत करना है।
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि इस पहल से दोनों देशों के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक कूटनीति को नई मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि देशों के रिश्ते केवल राजनीति और अर्थव्यवस्था से नहीं, बल्कि लोगों और समाजों के आपसी जुड़ाव से भी मजबूत होते हैं। उन्होंने यह बातें रोम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और इटली भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) को आगे बढ़ाने के लिए भी मिलकर काम करेंगे।
मेलोनी ने आईएमईसी को यूरोप, मध्य पूर्व और भारत को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी और आर्थिक गलियारा बताया। उन्होंने कहा कि इससे व्यापार, निवेश और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी तथा व्यवसायों के लिए नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि जी-20 नई दिल्ली शिखर सम्मेलन के दौरान पेश किया गया यह गलियारा भारत और यूरोप के आर्थिक संबंधों को और गहरा कर सकता है। इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और इटली अंतरराष्ट्रीय स्थिरता, आर्थिक सुरक्षा, मजबूत आपूर्ति श्रृंखला, शांति और समावेशी विकास जैसे वैश्विक मुद्दों पर समान सोच रखते हैं।
