पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। ममता बनर्जी के 15 साल के शासनकाल में सत्ता का केंद्र रहे ‘नबान्न’ को अब नई भाजपा सरकार छोड़ने की तैयारी में है। भारतीय जनता पार्टी राज्य सचिवालय को हावड़ा स्थित नबान्न से वापस कोलकाता की ऐतिहासिक ‘राइटर्स बिल्डिंग’ में शिफ्ट करने की योजना बना रही है।
शपथ के बाद राइटर्स बिल्डिंग से संभालेंगे कामकाज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने बुधवार को नबान्न में कार्यवाहक मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला से मुलाकात कर नई सरकार की योजना की जानकारी दी। बताया गया है कि नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण के बाद सचिवालय को राइटर्स बिल्डिंग में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक, शनिवार सुबह ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है। इसके बाद नई सरकार मध्य कोलकाता स्थित राइटर्स बिल्डिंग से अपना प्रशासनिक कामकाज शुरू करेगी। हालांकि पार्टी ने अभी तक मुख्यमंत्री पद के चेहरे की आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
“2021 से कर रहे हैं यह वादा”
भाजपा लंबे समय से सचिवालय को ऐतिहासिक राइटर्स बिल्डिंग में वापस ले जाने की बात करती रही है। प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि पार्टी 2021 से ही यह घोषणा करती आ रही है कि सरकार राइटर्स बिल्डिंग से चलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार के दौरान भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था। हालांकि अंतिम निर्णय नए मुख्यमंत्री द्वारा लिया जाएगा।
ममता सरकार ने अस्थायी तौर पर किया था शिफ्ट
करीब 250 वर्षों तक राइटर्स बिल्डिंग पश्चिम बंगाल की सत्ता का केंद्र रही। ईस्ट इंडिया कंपनी, ब्रिटिश शासन और स्वतंत्रता के बाद राज्य सरकार ने अक्टूबर 2013 तक यहीं से प्रशासन चलाया। 2011 में मुख्यमंत्री बनने के बाद ममता बनर्जी ने भी यहीं से कार्यभार संभाला था, लेकिन बाद में सचिवालय को अस्थायी रूप से हावड़ा स्थित नबान्न में स्थानांतरित कर दिया गया।
तब ममता सरकार ने राइटर्स बिल्डिंग की जर्जर स्थिति, आग और सुरक्षा संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए इसके जीर्णोद्धार के लिए करीब 200 करोड़ रुपये आवंटित किए थे। ममता बनर्जी ने उस समय इमारत को “बारूद का ढेर” तक बताया था।
अब भी अधूरा है जीर्णोद्धार कार्य
राइटर्स बिल्डिंग के नवीनीकरण के दौरान कई हिस्सों को तोड़ा गया, लेकिन बाद में काम की रफ्तार धीमी पड़ गई। पहले जहां इमारत में करीब 3 लाख वर्ग फुट कार्यक्षेत्र था, वहीं अब यह घटकर लगभग 2.5 लाख वर्ग फुट रह गया है। इसके बावजूद यह जगह मुख्यमंत्री कार्यालय सहित कई विभागों के संचालन के लिए पर्याप्त मानी जा रही है।
लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के अनुसार, यदि नई सरकार तुरंत यहां से कामकाज शुरू करना चाहती है, तो फिलहाल ब्लॉक-1 और ब्लॉक-2 उपलब्ध कराए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के लिए दूसरी मंजिल लगभग तैयार बताई जा रही है, जबकि पहली मंजिल के काम में अभी कुछ महीने और लग सकते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का लिया गया जायजा
इस बीच कोलकाता पुलिस आयुक्त अजय नंद ने बुधवार को राइटर्स बिल्डिंग का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्था और नवीनीकरण कार्य की समीक्षा की। माना जा रहा है कि नई सरकार के संभावित शिफ्ट को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
250 साल पुरानी विरासत
1777 में बनी राइटर्स बिल्डिंग को थॉमस लियोन ने डिजाइन किया था। इसका निर्माण गवर्नर जनरल वॉरेन हेस्टिंग्स के कार्यकाल में हुआ था। बाद में ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसे खरीदा और यह प्रशासनिक केंद्र बन गई। 1906 के आसपास इस लाल रंग की ऐतिहासिक इमारत को इसका प्रसिद्ध ग्रीको-रोमन स्वरूप मिला।
कोलकाता के बीबीडी बाग स्थित यह इमारत बंगाल और भारत के राजनीतिक इतिहास की महत्वपूर्ण गवाह रही है। अब एक बार फिर यह सत्ता के केंद्र के रूप में वापसी की तैयारी में है।











