मानसून की दस्तक के साथ ही झुलसाती गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन यह मौसम अपने साथ कई खतरे भी लेकर आता है। अक्सर देखा जाता है कि बाहर होने पर जब अचानक बारिश शुरू होती है, तो लोग भीगने से बचने के लिए पास के किसी पेड़ के नीचे खड़े हो जाते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो सावधान हो जाइए! आपकी यह एक छोटी सी भूल जानलेवा साबित हो सकती है।
विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, बारिश और बिजली कड़कने के दौरान पेड़ के नीचे खड़े होना सुरक्षा के लिहाज से सबसे खतरनाक जगहों में से एक है।
क्यों है पेड़ के नीचे खड़ा होना खतरनाक?
- बिजली हमेशा जमीन पर सबसे ऊंची वस्तु की ओर आकर्षित होती है। ऊंचे और अकेले पेड़ बिजली के लिए ‘नेचुरल कंडक्टर’ का काम करते हैं। ऐसे में पेड़ पर बिजली गिरने की संभावना सबसे अधिक होती है, जो सीधे नीचे खड़े व्यक्ति को अपनी चपेट में ले सकती है।
- यदि बिजली सीधे व्यक्ति पर न गिरकर पेड़ पर गिरती है, तब भी खतरा टलता नहीं है। करंट पेड़ के तने से होता हुआ जमीन में फैलता है। इसे ‘ग्राउंड करंट’ कहते हैं, जो काफी दूरी तक फैल सकता है और आसपास खड़े लोगों को मौत की नींद सुला सकता है।
- जब बिजली किसी पेड़ पर गिरती है, तो उसकी अत्यधिक गर्मी पेड़ के भीतर मौजूद नमी (पानी) को तुरंत भाप में बदल देती है। इस दबाव से पेड़ का तना किसी बम की तरह फट सकता है या उसकी भारी टहनियां टूटकर नीचे गिर सकती हैं।
- बारिश के कारण पेड़ों पर रहने वाले सांप, बिच्छू और अन्य जहरीले कीड़े-मकोड़े अक्सर सुरक्षित स्थान की तलाश में नीचे की ओर आते हैं, जो वहां खड़े व्यक्ति के लिए जोखिम बढ़ा देते हैं।
बचाव के लिए क्या करें?
- बिजली कड़कने के दौरान सबसे सुरक्षित जगह एक कंक्रीट की छत वाला पक्का मकान है।
- यदि आप किसी खुले मैदान में हैं और कहीं छिपने की जगह नहीं है, तो तुरंत जमीन पर उकड़ू बैठ जाएं। ध्यान रहे कि आप लेटें नहीं, बल्कि अपने पैरों को पास रखकर बैठें।
- यदि आप कार में हैं, तो कार के अंदर ही रहें। कार की मेटल बॉडी बिजली को जमीन तक पहुंचाने के लिए एक सुरक्षित कवच की तरह काम करती है।
- बिजली के खंभे, लोहे की ग्रिल, छतरी का डंडा या किसी भी धातु की वस्तु से दूर रहें।









