पश्चिम बंगाल के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और चुनावी नतीजों के बाद विपक्षी एकता को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। जमशेदपुर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और समाजसेवी महेन्द्र कुमार पांडेय ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा है कि चुनाव में मुंह की खाने के बाद अब उन्हें ‘INDIA’ गठबंधन की अहमियत समझ आ रही है।
“थर्ड फ्रंट” की चाहत ने बिगाड़ा खेल
महेंद्र कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने लोकसभा चुनाव के समय से ही ‘INDIA’ गठबंधन को कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उत्तर प्रदेश के अखिलेश यादव के साथ मिलकर ‘थर्ड फ्रंट’ बनाने की कोशिशों में जुटी रहीं। उनकी इसी महत्वाकांक्षा ने विपक्ष की एकजुटता को कमजोर किया।”
“अब ऊंट आया पहाड़ के नीचे”
ममता बनर्जी की वर्तमान स्थिति पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस नेता ने मुहावरे का सहारा लिया। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणामों ने स्पष्ट कर दिया है कि अकेले चलना संभव नहीं है। पांडेय के अनुसार, “अब चुनावी हार के बाद ममता बनर्जी का INDIA गठबंधन के नेताओं को याद करना यह बताता है कि ‘अब ऊंट पहाड़ के नीचे आया है’।”
गठबंधन के साथ चुनाव लड़ते तो नतीजे होते अलग
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि यदि पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव ‘INDIA’ गठबंधन के बैनर तले मजबूती से लड़ा गया होता, तो आज सत्ता का परिदृश्य कुछ और ही होता। उन्होंने ममता बनर्जी को सलाह दी कि उन्हें अब “तीसरे मोर्चे” का मोह त्याग कर विपक्षी एकजुटता का हिस्सा बनना चाहिए।









