पूर्वी सिंहभूम में 6.86 लाख वोटर ‘अनमैप्ड’, 20 जून से दस्तावेज दिखाकर लिस्ट में वापस जुड़ेगा नाम

6.86 लाख वोटर्स लिस्ट से बाहर, कहीं आपका नाम तो नहीं?

Johar News Times
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पूर्वी सिंहभूम जिले में मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले के कुल 19.06 लाख मतदाताओं में से करीब 6.86 लाख मतदाता ‘अनमैप्ड’ पाए गए हैं। इनमें ऐसे लोग शामिल हैं जिनका या जिनके पूर्वजों का नाम साल 2003 के विशेष गहन पुनरीक्षण रिकॉर्ड में नहीं मिला। इसके अलावा मृत, स्थायी रूप से पलायन कर चुके और दो जगहों पर नाम दर्ज रखने वाले मतदाताओं को भी इसी श्रेणी में डाला गया है।

BLO ने किया 64% वोटर्स का सत्यापन, केंद्रों पर सूची जारी

निर्वाचन विभाग के अनुसार, बूथ लेवल ऑफिसरों ने घर-घर जाकर अब तक 12.19 लाख यानी 64 फीसदी मतदाताओं का वेरिफिकेशन पूरा कर लिया है। शनिवार को जिले के सभी 2183 मतदान केंद्रों पर इन अनमैप्ड मतदाताओं की सूची सार्वजनिक कर दी गई है, ताकि लोग खुद जाकर अपना नाम चेक कर सकें।

20 जून से मिलेगा दोबारा नाम जुड़वाने का मौका

चुनाव आयोग ने साफ किया है कि जिन मतदाताओं के नाम लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। 20 जून से शुरू होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत नाम दोबारा जुड़वाने का मौका मिलेगा। नोटिस मिलने के बाद संबंधित मतदाता को तय समय सीमा के भीतर अपनी भारतीय नागरिकता और स्थानीय निवास से जुड़े वैलिड प्रूफ जमा करने होंगे। इसके बाद निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी जांच और सुनवाई कर नाम जोड़ने पर अंतिम फैसला लेंगे।

स्मार्ट सॉफ्टवेयर से हटाए जा रहे हैं दोहरी प्रविष्टि वाले नाम

निर्वाचन विभाग के मुताबिक, पुराने रिकॉर्ड में नाम न मिलने, लंबे समय से गायब रहने, स्थायी पता बदलने, मौत होने या दो जगहों पर नाम दर्ज होने के कारण ही नाम हटाए गए हैं। आयोग अब एक खास सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा है, जो किसी मतदाता का दूसरी जगह नाम दर्ज होने पर स्थानीय सूची से उसका नाम ऑटोमैटिक हटा देता है।

अगर आपका नाम भी अनमैप्ड सूची में है, तो आप आयोग द्वारा निर्धारित इन वैकल्पिक दस्तावेजों में से कोई भी एक जमा कर सकते हैं:

  1. पहचान पत्र
  2. मनरेगा जॉब कार्ड
  3. बैंक या डाकघर की फोटोयुक्त पासबुक
  4. स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड
  5. ड्राइविंग लाइसेंस
  6. पैन कार्ड
  7. एनपीआर स्मार्ट कार्ड
  8. पासपोर्ट
  9. फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज
  10. सरकारी पहचान पत्र

उप निर्वाचन पदाधिकारी प्रियंका सिंह ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाना है। उन्होंने वास्तविक मतदाताओं से अपील की है कि वे 20 जून से शुरू होने वाली इस प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और विभाग का सहयोग करें।

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