18 April 2026 | News Bulletin | Johar News Times

Johar News Times
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संसद में महिलाओं को 33% आरक्षण देने वाले संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के पारित न होने पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस विधेयक को पास होने के लिए दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता थी, लेकिन इसे केवल 298 मत ही मिल सके, जबकि 230 सांसदों ने इसका विरोध किया। इस मुद्दे पर नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि उन्होंने इस महत्वपूर्ण विधेयक का समर्थन न करके “बहुत बड़ी गलती” की है और उन्हें देश की महिलाओं को इसका जवाब देना होगा। सरकार का मानना है कि यह उसकी विफलता नहीं, बल्कि विपक्ष की नकारात्मक राजनीति का परिणाम है। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने भी विपक्ष, विशेषकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं स्मृति ईरानी और रवि शंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर महिलाओं के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। विधेयक के गिरने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। यह मुद्दा आने वाले समय में देश की राजनीति और चुनावी बहस का प्रमुख विषय बन सकता है।


एशिया के अमीरों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिला है, जहां गौतम अदाणी (Gautam Adani) ने मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार अदाणी की कुल संपत्ति 92.6 अरब डॉलर पहुंच गई है, जबकि अंबानी की संपत्ति 90.8 अरब डॉलर आंकी गई है। अदाणी की संपत्ति में यह तेजी मुख्य रूप से अदाणी समूह की कंपनियों के शेयरों में आई बढ़ोतरी के कारण हुई है। बंदरगाह, ऊर्जा, हवाई अड्डों और कोयला व्यापार जैसे क्षेत्रों में समूह का मजबूत प्रदर्शन निवेशकों का भरोसा बढ़ा रहा है। वहीं रिलायंस इंडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी की संपत्ति में हाल के समय में अपेक्षाकृत धीमी वृद्धि देखी गई है। वैश्विक स्तर पर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के अनुसार एलन मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनके बाद लैरी पेज और जेफ बेजोस का स्थान है। यह बदलाव एशिया में बढ़ती आर्थिक प्रतिस्पर्धा और भारतीय उद्योगपतियों की वैश्विक स्तर पर मजबूत होती स्थिति को दर्शाता है।

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झारखंड में जनगणना 2027 के लिए विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। प्रस्ताव के अनुसार यह प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण और दूसरे चरण में व्यक्तियों की गणना की जाएगी। जानकारी के मुताबिक, पहले चरण यानी हाउस लिस्टिंग का कार्य 16 मई से 28 जून 2026 के बीच किया जाएगा। इस दौरान राज्य के सभी जिलों में घर-घर जाकर सर्वे किया जाएगा, जिसमें मकान की स्थिति, निर्माण का प्रकार, पेयजल, शौचालय, बिजली और रसोई ईंधन जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी जुटाई जाएगी। साथ ही एक मकान में रहने वाले परिवारों की संख्या का प्रारंभिक आंकड़ा भी तैयार किया जाएगा। दूसरे चरण में 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 तक जनसंख्या की गणना की जाएगी। इस दौरान प्रत्येक व्यक्ति से संबंधित विस्तृत जानकारी जैसे नाम, उम्र, लिंग, वैवाहिक स्थिति, शिक्षा, रोजगार, प्रवास और परिवार की संरचना का डेटा एकत्र किया जाएगा। इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। टैबलेट और मोबाइल ऐप के जरिए डेटा एंट्री की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और त्रुटियां कम होंगी। केंद्र की मंजूरी के बाद ही अंतिम प्रक्रिया शुरू होगी।


झारखंड में सामने आए ट्रेजरी घोटाले का असर अब सीधे पुलिस विभाग पर दिखने लगा है। राज्य के 65 हजार से अधिक पुलिस जवानों और अधिकारियों का वेतन अटक गया है, जिससे उनमें भारी असंतोष और चिंता का माहौल है। 16 अप्रैल बीत जाने के बावजूद वेतन का भुगतान नहीं हो सका है,,जानकारी के अनुसार, ट्रेजरी सिस्टम में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के कारण भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई है। जांच पूरी होने तक वेतन जारी करने में देरी हो रही है, जिसका खामियाजा पुलिसकर्मियों को उठाना पड़ रहा है। वेतन न मिलने से पुलिसकर्मियों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। मार्च-अप्रैल के दौरान स्कूल फीस, बच्चों की पढ़ाई, घरेलू खर्च और सामाजिक जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं। इसके अलावा शादी-विवाह के मौसम के कारण कई परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार स्थिति को जल्द सामान्य करने की कोशिश कर रही है, लेकिन तकनीकी और वित्तीय जांच पूरी होने तक समस्या बनी रह सकती है। इस बीच पुलिसकर्मियों ने सरकार से जल्द वेतन जारी करने की मांग की है, ताकि उन्हें राहत मिल सके।


झारखंड में जेटेट 2026 की नियमावली को लेकर भाषा विवाद के कारण असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमावली को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि फिलहाल कैबिनेट में स्थगित रखा गया है। इसके बावजूद 21 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया तय समय पर शुरू होगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा नियमावली को मंजूरी के लिए कैबिनेट में पेश किया गया था, लेकिन क्षेत्रीय भाषाओं को लेकर उठे विवाद के कारण निर्णय टाल दिया गया। अधिकारियों के अनुसार, भाषा संबंधी मुद्दों पर उच्च स्तर पर विचार-विमर्श जारी है और समाधान के बाद प्रस्ताव फिर से कैबिनेट में लाया जाएगा। इस बीच झारखंड अकादमिक काउंसिल ने परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। कैबिनेट बैठक में राधाकृष्ण किशोर और दीपिका पांडे सिंह ने क्षेत्रीय भाषा सूची में भोजपुरी और अंगिका को शामिल न किए जाने पर आपत्ति जताई। वहीं सुदेश महतो ने हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर स्पष्ट नीति और समयबद्ध परीक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि 2016 से परीक्षा न होने के कारण लाखों अभ्यर्थी प्रभावित हो रहे हैं।


पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले पूर्व मेदिनीपुर जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1.27 करोड़ रुपये नकद बरामद किए हैं। नाका चेकिंग के दौरान दो वाहनों की तलाशी में एक कार से 1 करोड़ रुपये और एक बस से 23 लाख रुपये मिले, जिससे चुनावी माहौल में हलचल बढ़ गई है। पुलिस के अनुसार, कार से मिली रकम का संबंध तमलुक घाटाल कोऑपरेटिव बैंक से बताया जा रहा है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। जांच की जा रही है कि यह राशि बैंक के आधिकारिक लेन-देन की है या चुनावी उद्देश्य से ले जाई जा रही थी। बस से बरामद रकम को लेकर भी पूछताछ जारी है। दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया है और सवार लोगों से पूछताछ की जा रही है। अभी तक किसी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। यह मामला इसलिए संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि चुनाव का पहला चरण 23 अप्रैल को प्रस्तावित है। ऐसे में इतनी बड़ी नकदी की बरामदगी से मतदाताओं को प्रभावित करने की आशंका जताई जा रही है। भारतीय चुनाव आयोग ने पहले ही निगरानी बढ़ा दी है और लगातार कार्रवाई जारी है।

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झारखंड के पशुपालन विभाग में एक बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है, जिसमें क्लर्क मुनिंद्र कुमार पर अपने मौसेरे भाई संजीव कुमार के नाम पर फर्जी कंपनियां बनाकर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी करने का आरोप है। जांच में सामने आया है कि इन कंपनियों के जरिए विभाग को सामग्री आपूर्ति दिखाकर भुगतान कराया गया। साथ ही संजीव कुमार को वरीय रिसर्चर बताकर उसके नाम पर वेतन भी निकाला जाता रहा। उसके खाते में करीब 1.5 करोड़ रुपये ट्रांसफर होने की बात सामने आई है। मुनिंद्र कुमार पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान में लेखापाल के पद पर कार्यरत था और होटवार स्थित कार्यालय में भी प्रतिनियुक्त था। उस पर वेतन बिल में हेराफेरी करने का आरोप है। वह अक्सर सर्वर या इंटरनेट समस्या का बहाना बनाकर कार्यालय में बिल तैयार करने से बचता था। जांच में यह भी सामने आया है कि रामगढ़ में पदस्थापन के दौरान भी उसने करीब 40 लाख रुपये की फर्जी निकासी की। संस्थान के निदेशक देवनाथ चौरसिया द्वारा खातों के मिलान में गड़बड़ी पकड़ में आई, जिसके बाद मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।


झारखंड के गुमला जिले से रोजी-रोटी की तलाश में मुंबई गए एक मजदूर, मनोज उरांव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गुमला के वृंदा पंचायत स्थित बहवार टोली निवासी मनोज का शव मुंबई के एक सुनसान इलाके में बिजली के खंभे से लटका मिला। हालांकि पुलिस इसे आत्महत्या मान रही है, लेकिन घटनास्थल की तस्वीरों ने परिजनों के बीच हत्या की आशंका गहरा दी है। मृतक के शरीर पर मिले जख्मों के निशान, चाकू के हमले के संकेत और टूटे हुए हाथ को देखकर परिवार इसे सुनियोजित हत्या बता रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खंभे से लटके मनोज के पैर जमीन को छू रहे थे। मृतक की पत्नी ने टैसेरा गांव की एक युवती पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसने मनोज को पैसे देकर मुंबई बुलाया था। घटना के बाद से वह युवती फरार है और मनोज के साथ गए गांव के दो अन्य साथी भी लापता हैं। प्रशासनिक उपेक्षा और गरीबी के कारण परिवार अपने लाल का अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका। मुंबई पुलिस ने शव की पहचान हेतु के माध्यम से तस्वीरें भेजी थीं, जिसकी पुष्टि परिजनों ने कर दी। आर्थिक तंगी के चलते शव को गुमला वापस लाना संभव नहीं हो पाया, जिससे क्षेत्र में शोक और आक्रोश व्याप्त है। फिलहाल, परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगा रहे हैं।


धनबाद नगर निगम क्षेत्र में अब नलकूप (बोरिंग) कराने के नियमों को और सख्त कर दिया गया है। धनबाद नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति किसी भी भूखंड पर बोरिंग करना प्रतिबंधित रहेगा। 4.75 इंच तक के नलकूप के लिए निर्धारित प्रपत्र में आवेदन और 5,000 रुपये का बैंक ड्राफ्ट जमा करना अनिवार्य होगा। नए नियमों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बोरिंग कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने पर जुर्माने के साथ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय हाल ही में हुई बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव के आधार पर लागू किया गया है। इसके अलावा बोरिंग एजेंसियों के लिए नगर निगम में पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिसके लिए 50,000 रुपये वार्षिक शुल्क जमा करना होगा। बिना पंजीकरण कोई भी एजेंसी कार्य नहीं कर सकेगी। निगम ने भूजल संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया है। नलकूप के साथ वर्षा जल संचयन व्यवस्था अनिवार्य होगी और एक भूखंड पर सीमित संख्या में ही बोरिंग की अनुमति दी जाएगी। औद्योगिक उपयोग के लिए अलग अनुमति लेनी होगी। नियम तोड़ने पर नलकूप अवैध घोषित किया जाएगा और जल कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है। नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।

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रांची में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) की भाषा नियमावली को लेकर एक बार फिर मांग तेज हो गई है। इस संबंध में पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश ठाकुर ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और नियमों में संशोधन की मांग उठाई। मिथिलेश ठाकुर ने कहा कि वर्तमान जेटेट नियमावली में स्थानीय भाषा की अनिवार्यता के कारण गढ़वा और पलामू प्रमंडल के युवाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र की भाषाई संरचना राज्य के अन्य हिस्सों से अलग है, जिससे अभ्यर्थियों को परीक्षा में असमान स्थिति का सामना करना पड़ता है। उन्होंने मांग की कि हिंदी, भोजपुरी और मगही को भी मान्य विकल्प के रूप में शामिल किया जाए, ताकि किसी भी योग्य अभ्यर्थी के साथ भाषा के आधार पर भेदभाव न हो। उनके अनुसार नियमों में लचीलापन लाना आवश्यक है, जिससे अधिक युवाओं को अवसर मिल सके। मुलाकात के बाद उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार इस मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेगी। यह पहल गढ़वा और पलामू क्षेत्र के हजारों अभ्यर्थियों के लिए राहतकारी साबित हो सकती है, जो लंबे समय से भाषा नियमों में बदलाव की मांग कर रहे हैं।


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