1.92 वर्ष की उम्र में दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन
भारतीय संगीत जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ चल रही थीं और शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें दिल और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याएं थीं, जिसके चलते उन्हें आईसीयू में रखा गया था। रविवार दोपहर उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की। आशा भोसले भारतीय संगीत की सबसे महान और बहुमुखी गायिकाओं में शुमार थीं। उन्होंने कई दशकों तक बॉलीवुड समेत विभिन्न भाषाओं के हजारों गीतों को अपनी आवाज दी और संगीत की दुनिया में अमिट छाप छोड़ी। परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा। उनके निधन से पूरे देश में शोक की लहर है और फिल्म व संगीत जगत के दिग्गज उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

2.मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा फैसला झारखंड आंदोलनकारियों के लिए 4.88 करोड़ की स्वीकृति, पेंशन-बकाया भुगतान होगा
झारखंड सरकार ने राज्य आंदोलन से जुड़े आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 4.88 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस फैसले से लंबे समय से लंबित पेंशन और अन्य देय भुगतानों के निपटारे का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि उन लोगों को दी जाएगी, जिन्होंने झारखंड आंदोलन में सक्रिय भागीदारी की थी। भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो सके। राज्य के 11 जिलों में इस राशि का वितरण किया गया है। इसमें हजारीबाग को सबसे अधिक 2.11 करोड़ रुपये मिले हैं। इसके अलावा गिरिडीह और जमशेदपुर को 75-75 लाख रुपये, बोकारो को 71.94 लाख रुपये, चतरा को 25.75 लाख रुपये, लातेहार को 10.38 लाख रुपये, खूंटी को 8.17 लाख रुपये, पाकुड़ को 5.32 लाख रुपये, कोडरमा को 2.52 लाख रुपये, पलामू को 1.54 लाख रुपये और साहेबगंज को 1.05 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।

3.झारखंड ट्रेजरी घोटाले की जांच के लिए बनेगी IAS कमेटी, वित्त मंत्री ने CM को लिखा पत्र
झारखंड में बोकारो और हजारीबाग एसपी कार्यालय से करोड़ों की अवैध निकासी के मामले की जांच अब वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। प्रस्ताव के अनुसार इस जांच कमेटी की अध्यक्षता एक आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए महालेखाकार (एजी) कार्यालय के वरीय अधिकारी को भी टीम में शामिल किया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर समग्र जांच का प्रस्ताव दिया है। वित्त मंत्री ने अपने प्रस्ताव में कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के अलावा ऐसे अन्य संभावित मामलों की भी जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया जा सकता है। साथ ही तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए प्रधान महालेखाकार (PAG) से अनुभवी अधिकारी को टीम में शामिल करने का अनुरोध किया जाएगा। वित्त मंत्री ने यह भी सुझाव दिया है कि अवैध निकासी में आपराधिक षड्यंत्र और अधिकारियों-कर्मचारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी से कराई जाए।

4.कोषागार अवैध निकासी पर सियासत तेज, झामुमो का पलटवार ‘भाजपा शासनकाल में शुरू हुआ घोटाला, हेमंत सरकार करेगी निष्पक्ष जांच
झारखंड में विभिन्न जिलों के कोषागार से अवैध निकासी के मामले को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने भाजपा के आरोपों पर कड़ा पलटवार करते हुए उन्हें निराधार और भ्रामक बताया है। झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि कोषागार से अवैध निकासी का मामला आज का नहीं, बल्कि 14 साल पहले भाजपा सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के शासनकाल में यह खूब फलाफूला। उन्होंने कहा कि उस समय किसी ने इस घोटाले को उजागर नहीं किया। उन्होंने आगे कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस मामले में साहस दिखाते हुए निष्पक्ष जांच का निर्देश दिया है और सरकार इसकी जड़ तक जाएगी। पांडेय ने आरोप लगाया कि इस जांच में भाजपा के कई नेताओं का चाल, चरित्र और चेहरा बेनकाब होगा तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियां स्वतंत्र रूप से कार्य कर रही हैं। झामुमो नेता ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर विपक्ष द्वारा भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेतन भुगतान में हुई देरी तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से है, जिसे जल्द ही दूर कर लिया जाएगा।

5.सांसदों को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री मोदी ने समर्थन का किया आग्रह, कहा – महिला आरक्षण कानून लागू करने का सही समय, 2029 से चुनाव में दिखेगा असर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण कानून को सच्ची भावना के साथ लागू करने का अब सही समय आ गया है, ताकि वर्ष 2029 से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इसका प्रभाव नजर आ सके। प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा में सदन के नेताओं को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। इस कानून को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” नाम दिया गया है। संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और इसके तहत 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है। महिला आरक्षण अधिनियम लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। गौरतलब है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान वर्ष 2023 में संविधान संशोधन के माध्यम से किया गया था। प्रधानमंत्री ने इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जताई है।

6.पुष्पा हत्याकांड में बोकारो एसपी का बड़ा एक्शन, पिंड्राजोरा थाना प्रभारी समेत 28 पुलिसकर्मी निलंबित
बोकारो जिले में चर्चित पुष्पा महतो अपहरण और हत्या मामले में पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह ने बड़ा कार्रवाई करते हुए पिंड्राजोरा थाना प्रभारी अभिषेक रंजन समेत थाने में पदस्थापित सभी 28 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित कर्मियों में 10 सब इंस्पेक्टर, 5 सहायक अवर निरीक्षक, 2 हवलदार और 11 सिपाही शामिल हैं। पुष्पा महतो के गायब होने की सूचना उसकी मां ने 24 जुलाई 2025 को दी थी। हैरानी की बात यह रही कि सूचना मिलने के बावजूद थाना प्रभारी ने दस दिन बाद, 4 अगस्त को इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की। मामले की समीक्षा के दौरान यह सामने आया कि पहली एसआईटी ने दिए गए निर्देशों का पूरी तरह पालन नहीं किया। जांच के दौरान अभियोजन पक्ष को कमजोर करते हुए आरोपित को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से काम किया जा रहा था। नई एसआईटी ने महज एक दिन के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया l जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दिनेश और पुष्पा के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। पुष्पा लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिससे परेशान होकर आरोपी ने उसकी हत्या की साजिश रची। उसने पुष्पा को चास कॉलेज बुलाने के बहाने झांसा दिया और वहां से पास के जंगल में ले जाकर चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी तथा शव को झाड़ियों में छिपा दिया।

7.रांची में ‘फर्जी’ अफसर गिरफ्तार,सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 70 लाख की ठगी का खुलासा
रांची पुलिस ने सेना और मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। लखनऊ मिलिट्री इंटेलिजेंस से मिले गोपनीय इनपुट के आधार पर एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने चुटिया थाना क्षेत्र के शारदा कॉलोनी से गिरोह के सक्रिय सदस्य अरविंद प्रसाद को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी अरविंद प्रसाद मूल रूप से बिहार के आरा जिले का रहने वाला है और रांची में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी के पास से भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज और जाली पहचान पत्र बरामद किए गए हैं। वह युवाओं को झांसे में लेने के लिए खुद को कभी सेना का अधिकारी तो कभी किसी जांच एजेंसी का अफसर बताता था। पुलिस जांच में अब तक एक दर्जन से अधिक युवाओं से करीब 70 लाख रुपये की ठगी की पुष्टि हुई है। पुलिस ने अरविंद प्रसाद समेत कुल सात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। गिरोह के अन्य छह फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी जारी है।

8.पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव ,केंद्रीय सुरक्षा बलों के लिए मंगाई गईं 75 हजार लाठियां
बंगाल विधानसभा चुनाव में शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए चुनाव आयोग ने एक अभूतपूर्व रणनीति अपनाई है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव के दौरान उत्तर बंगाल के शीतलकूची में हुई हिंसक घटना और गोलीबारी से सबक लेते हुए, इस बार आयोग सुरक्षा बलों को आधुनिक हथियारों के बजाय ‘लाठियों’ से लैस करने पर अधिक ध्यान दे रहा है। सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय बलों के जवानों के लिए विशेष रूप से 75,000 लाठियों की व्यवस्था की जा रही है। केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों के पास अत्याधुनिक स्वचालित हथियार होते हैं, लेकिन भीड़ नियंत्रण और उत्तेजक स्थितियों में गोलीबारी की नौबत न आए, इसके लिए लाठी को प्राथमिक बचाव उपकरण के रूप में देखा जा रहा है।इस बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत रिकार्ड संख्या में 2400 कंपन से अधिक केंद्रीय बलों की तैनाती की जा सकती है। इसके साथ ही, तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है।

9.तमाड़ में परीक्षा से पहले पुलिस की बड़ी कार्रवाई,160 लोग हिरासत में
रांची जिले के तमाड़ थाना क्षेत्र में उत्पाद विभाग की लिखित परीक्षा से पहले पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार रात करीब 160 लोगों को हिरासत में लिया।यह कार्रवाई संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद की गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी लोग उत्पाद विभाग की परीक्षा देने के लिए तमाड़ पहुंचे थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि परीक्षा के दौरान कुछ गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधियां हो सकती हैं। इसी के आधार पर पुलिस ने मौके पर छापेमारी कर सभी लोगों को हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हिरासत में लिए गए सभी लोगों से अलग-अलग पूछताछ की जा रही है, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।

10.झारखंड में 77 बिल्डरों पर RERA का सख्त एक्शन 83.5 लाख का जुर्माना
झारखंड में रियल एस्टेट सेक्टर में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए झारखंड रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ( RERA ) ने बड़ी कार्रवाई की है। रेरा ने राज्य के 77 बिल्डरों पर कुल 83.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और तय समय के भीतर राशि जमा करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि भुगतान नहीं करने पर संबंधित बिल्डरों के बैंक खाते फ्रीज किए जा सकते हैं। रेरा चेयरमैन विरेंद्र भूषण ने बताया कि कार्रवाई से पहले 106 बिल्डरों को नोटिस जारी किया गया था। इनमें से केवल 2 बिल्डरों ने ही जुर्माना जमा किया, जबकि कई ने न तो जवाब दिया और न ही सुनवाई में उपस्थित हुए। नियमों के अनुसार, आठ से अधिक फ्लैट वाले सभी प्रोजेक्ट्स का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के बाद बिल्डरों को हर तिमाही (क्वार्टर) में प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट, वित्तीय स्थिति और अन्य आवश्यक जानकारी जमा करनी होती है। ऐसा नहीं करने पर प्रति क्वार्टर 25,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। राज्य में करीब 1,100 रजिस्टर्ड प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें से 50 प्रतिशत से अधिक ने अब तक अनिवार्य रिपोर्ट जमा नहीं की है। अब रेरा द्वारा ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से भी समन भेजकर सख्ती बढ़ाई जा रही है। इस कार्रवाई से रियल एस्टेट सेक्टर में अनुशासन लाने और खरीदारों के हितों की सुरक्षा को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

11.झारखंड में बदला मौसम का मिजाज,गर्म हवाओं से बढ़ेगी परेशानी
झारखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है और अब गर्मी ने पूरे प्रदेश में अपनी दस्तक दे दी है। राज्य के सभी जिलों में धीरे-धीरे तापमान बढ़ने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों के भीतर राज्य के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है। साथ ही गर्म हवाएं चलने से लोगों को और अधिक परेशानी झेलनी पड़ सकती है। आसमान साफ रहने और तेज धूप के कारण झारखंड के सभी जिलों में तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है।

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