शरीफा सिर्फ फल ही नहीं, इसके बीज और पत्ते भी हैं ‘सुपरफूड’; सेहत को मिलते हैं ये बेमिसाल फायदे

अंदर से सफेद, मुलायम, क्रीमी और स्वाद में बेहद मीठा यह फल बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब पसंद आता है।

Johar News Times
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बाहर से खुरदरा और अजीब सा दिखने वाला शरीफा, जिसे देश के कई हिस्सों में सीताफल या शुगर एप्पल भी कहा जाता है, सेहत का खजाना है। अंदर से सफेद, मुलायम, क्रीमी और स्वाद में बेहद मीठा यह फल बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को खूब पसंद आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सिर्फ शरीफा ही नहीं, बल्कि इसके बीज और पत्तियां भी औषधीय गुणों से भरपूर होती हैं?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, संतुलित मात्रा में इसका सेवन शरीर को ढेरों बीमारियों से दूर रख सकता है। आइए जानते हैं शरीफा, इसके बीज और पत्तों के बेमिसाल फायदों के बारे में:

पोषक तत्वों का पावरहाउस है शरीफा

शरीफा में शरीर के लिए जरूरी कई आवश्यक विटामिन्स और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इसे एक बेहतरीन एनर्जी बूस्टर बनाते हैं:

  • विटामिन और मिनरल्स: इसमें विटामिन A, विटामिन C, विटामिन B-6, मैग्नीशियम और पोटेशियम प्रचुर मात्रा में होता है।
  • इम्यूनिटी बूस्टर: विटामिन C की मौजूदगी के कारण यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को मजबूत करता है।
  • एंटीऑक्सीडेंट्स: यह शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाता है।

पाचन और दिल के लिए है वरदान

  • दुरुस्त रहेगा डाइजेशन: शरीफा में मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र को सुचारू रूप से काम करने में मदद करते हैं, जिससे पेट से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है।
  • हार्ट हेल्थ के लिए बेस्ट: इसमें मौजूद खनिज और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय स्वास्थ्य (Heart Health) को बढ़ावा देते हैं और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मददगार माने जाते हैं।

फल ही नहीं, बीज और पत्तियां भी हैं बेहद उपयोगी

शरीफा के पौधे का महत्व सिर्फ फल तक ही सीमित नहीं है:

प्राकृतिक कीटनाशक: शरीफा के बीज और पत्तियों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर प्राकृतिक कीटनाशक (Natural Pesticide) के रूप में किया जाता है। खेती में इसके इस्तेमाल से रासायनिक कीटनाशकों पर निर्भरता कम होती है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।

सीमित मात्रा में ही करें सेवन

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीफा भले ही बेहद पौष्टिक हो, लेकिन इसका सेवन हमेशा सीमित और संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए। इसे अपने दैनिक आहार का हिस्सा बनाकर आप स्वाद के साथ-साथ बेहतर स्वास्थ्य का लाभ भी उठा सकते हैं।

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