बोकारो, दामोदर वैली कॉर्पोरेशन (DVC) के चंद्रपुरा थर्मल पावर स्टेशन (CTPS) में ऐश पौंड की समस्या अब बिजली उत्पादन पर असर डालने लगी है। गुरुवार को प्लांट निरीक्षण के दौरान डीवीसी के कार्यपालक निदेशक (परिचालन) पीपी साह ने कहा कि नियमित रूप से ऐश ट्रांसपोर्टिंग नहीं होने के कारण पौंड भर चुका है, जिससे बिजली जेनरेशन में कई तरह की बाधाएं आ रही हैं।
उन्होंने बताया कि पर्यावरण सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्लांट के उत्पादन को सीमित करना पड़ा है। ऐश पौंड की क्षमता कम होने से परिचालन पर दबाव बढ़ गया है।
ट्रांसपोर्टिंग कंपनियों पर होगी कार्रवाई
पीपी साह ने कहा कि जिन कंपनियों को ऐश उठाव और परिवहन का काम सौंपा गया है, उनमें से दो कंपनियों का कार्य बेहद असंतोषजनक है। एक अन्य कंपनी काम कर रही है, लेकिन उसकी रफ्तार भी काफी धीमी है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि जितनी मात्रा में अब तक पौंड से छाई हटनी चाहिए थी, उतना काम नहीं हो पाया है। स्थिति को देखते हुए दोनों कंपनियों पर जल्द कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ऐश उठाव तेज करने के लिए एसओएस बेसिस पर नए स्तर पर काम आवंटित करने की भी तैयारी की जा रही है।
बी पौंड का निर्माण एक महीने में पूरा होगा
डीवीसी अधिकारियों के अनुसार फिलहाल पौंड की मेढ़ ऊंची करने का काम चल रहा है। पीपी साह ने बताया कि “बी पौंड” का निर्माण कार्य अगले एक महीने में पूरा हो जाएगा। इसके बनने से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी और ऐश स्टोरेज क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लिए ऊर्जा मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर कार्य आवंटित किया गया है।
चंद्रपुरा में लगेंगी 800 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल यूनिट
पीपी साह ने बताया कि चंद्रपुरा में 800-800 मेगावाट की दो नई सुपर क्रिटिकल यूनिट लगाने की योजना पर डीवीसी गंभीरता से काम कर रहा है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए यहां पर्याप्त कोयला, पानी और जमीन उपलब्ध है। आने वाले समय में प्लांट परिसर की चहारदीवारी का निर्माण होगा तथा डीवीसी कर्मचारियों को निर्धारित स्थानों पर आवास उपलब्ध कराकर शिफ्ट किया जाएगा।
इसके साथ ही डीवीसी की जमीन पर हुए अतिक्रमण को हटाने की भी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार चंद्रपुरा के अलावा कोडरमा और रघुनाथपुर में भी नई यूनिट स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है।








