गढ़वा-रंका विधानसभा क्षेत्र में पेयजल संकट को लेकर विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। विधायक ने साफ कहा है कि विधायक निधि से लगाए जा रहे चापाकल और बोरिंग के नाम पर यदि किसी भी लाभुक से पैसे मांगे गए, तो संबंधित एजेंसी और ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने कहा कि क्षेत्र में लगातार बढ़ रही पेयजल समस्या को देखते हुए उन्होंने अपनी विधायक निधि का बड़ा हिस्सा जलापूर्ति व्यवस्था सुधारने में खर्च किया है। उनका उद्देश्य गांव-गांव और हर घर तक पीने का पानी पहुंचाना है। हालांकि, उन्हें सूचना मिली है कि कुछ जगहों पर बोरिंग कराने के नाम पर अवैध वसूली की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, “यह पूरी योजना सरकारी फंड से संचालित हो रही है। किसी भी ग्रामीण या लाभुक को एक भी रुपया देने की जरूरत नहीं है। मेरे कार्यकाल में घूसखोरी और दलाली के लिए कोई जगह नहीं है।”
जनता से सीधे शिकायत करने की अपील
विधायक ने लोगों से अपील की कि यदि कोई ठेकेदार, बिचौलिया या एजेंसी का व्यक्ति पैसे की मांग करता है, तो इसकी जानकारी तुरंत विधायक कार्यालय, पार्टी कार्यकर्ताओं या सीधे उन्हें दें। उन्होंने कहा कि शिकायत करने वाले लोगों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई होगी।
‘जीरो टॉलरेंस’ नीति की दोहराई बात
विधायक ने भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति दोहराते हुए कहा कि जनता के अधिकारों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों को भी साफ संदेश दिया कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बिना किसी परेशानी के सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके। क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और जल संकट के बीच विधायक के इस बयान को आम लोगों के लिए राहत भरा संदेश माना जा रहा है।








