तुरामडीह विस्थापितों के आंदोलन को BJP का खुला समर्थन, धरने में शामिल होने जमशेदपुर पहुंचेंगे पूर्व CM अर्जुन मुंडा

हक की लड़ाई: तुरामडीह माइंस गेट पर विस्थापितों का हल्लाबोल, अर्जुन मुंडा का मिला साथ।

Johar News Times
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तुरामडीह माइंस से प्रभावित विस्थापित परिवारों की लंबित मांगों और हक-अधिकार की लड़ाई को अब बड़ा राजनीतिक समर्थन मिल गया है। भाजपा जमशेदपुर महानगर ने सुंदरनगर स्थित तुरामडीह माइंस गेट पर आयोजित होने वाले धरना-प्रदर्शन को अपना पूर्ण समर्थन देने का एलान किया है। इस आंदोलन में विस्थापितों की आवाज बुलंद करने के लिए झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी खुद जमीन पर उतरेंगे।

सालों बाद भी नहीं सुलझे विस्थापितों के मुद्दे: संजीव सिन्हा

भाजपा जमशेदपुर महानगर के अध्यक्ष संजीव सिन्हा ने इस मामले पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि तुरामडीह माइंस परियोजना की स्थापना के वक्त नांदुप मौजा के कई गरीब और आदिवासी परिवारों को विस्थापित होना पड़ा था। देश और विकास के हित में इन परिवारों ने अपनी आवासीय भूमि, उपजाऊ कृषि भूमि और यहाँ तक कि अपने पारंपरिक धार्मिक स्थलों तक का अधिग्रहण होने दिया।

संजीव सिन्हा ने दुख जताते हुए कहा कि जमीन जाने के इतने सालों बाद भी विस्थापितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान प्रबंधन और सरकार द्वारा नहीं किया गया है। यही वजह है कि आज ये परिवार अपने बुनियादी अधिकारों और न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

शोषितों और वंचितों की लड़ाई में साथ खड़ी है भाजपा

महानगर अध्यक्ष ने साफ तौर पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी की नीति हमेशा से शोषित, वंचित, और विस्थापित वर्गों के हितों की रक्षा करने की रही है। इसी सोच और प्रतिबद्धता के तहत पार्टी ने इस स्थानीय आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दिया है। भाजपा विस्थापितों के हक, सम्मान और अधिकारों की इस लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी और उनकी मांगों को प्रबंधन तथा सरकार के कानों तक प्रभावी ढंग से पहुँचाएगी।

ताकत झोंकेगी भाजपा, बड़ी संख्या में जुटेंगे कार्यकर्ता

पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा के इस धरने में शामिल होने की खबर के बाद से ही स्थानीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। भाजपा नेतृत्व ने इस आंदोलन को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। पार्टी ने अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं को सुबह 10 बजे सीधे तुरामडीह माइंस गेट पहुंचने का निर्देश दिया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अर्जुन मुंडा जैसी बड़ी शख्सियत के मैदान में उतरने से यूसीआईएल प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन पर विस्थापितों की मांगें पूरी करने का दबाव काफी बढ़ जाएगा।

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