बंगाल चुनाव : चुनाव आयोग की TMC को सीधी चेतावनी—”हिंसा और डर बर्दाश्त नहीं”

Johar News Times
3 Min Read

नई दिल्ली/कोलकाता: भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) को ‘सीधी बात’ (Straight Talk) के जरिए एक बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पहली बार किसी दल का नाम लेकर साफ किया कि इस बार राज्य में चुनावी हिंसा और डराने-धमकाने की पुरानी परंपराओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जाएगी।

“हिंसा-मुक्त और डर-मुक्त” चुनाव का संकल्प आयोग ने अपने संदेश में स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल चुनाव इस बार भयमुक्त, हिंसा-मुक्त, प्रलोभन-मुक्त और किसी भी प्रकार की बूथ जामिंग या सोर्स जामिंग के बिना संपन्न होंगे। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में आयोग ने यह संदेश तब जारी किया जब टीएमसी का एक प्रतिनिधिमंडल दिल्ली में उनसे मिलने पहुंचा था।

- Advertisement -
Ad image

चुनाव आयोग के कड़े रुख की मुख्य बातें:

  • सुरक्षा का घेरा: आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान केंद्रों के पास किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती पेशेवर तरीके से की जाएगी ताकि मतदाता सुरक्षित महसूस करें।
  • दो चरणों में मतदान: बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार केवल दो चरणों में मतदान होगा—23 अप्रैल और 29 अप्रैल। वोटों की गिनती 4 मई 2026 को की जाएगी।
  • अधिकारियों पर नजर: आयोग ने पहले ही साफ कर दिया है कि पिछले चुनाव में हिंसा के मामलों में शामिल रहे पुलिस अधिकारियों और प्रशासनिक अमले पर कड़ी नजर रहेगी।
  • सीधा वार: पहली बार आयोग ने किसी राजनीतिक दल को टैग करके ‘हिंसा-मुक्त’ चुनाव की चेतावनी दी है, जिसे भारतीय राजनीति में एक बड़े और सख्त बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

TMC का पलटवार आयोग की इस चेतावनी पर तृणमूल कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया है। टीएमसी का दावा है कि मतदाता सूची में सुधार के नाम पर लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।

निष्कर्ष चुनाव आयोग के इस ‘स्ट्रेट टॉक’ ने बंगाल चुनाव की सरगर्मी को और बढ़ा दिया है। आयोग की यह सक्रियता संकेत देती है कि इस बार चुनाव में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जाएगी।

Share This Article