चाईबासा/रांची: पश्चिमी सिंहभूम के घने सारंडा जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चल रहा ‘ऑपरेशन’ बेहद जोखिम भरा साबित हो रहा है। गुरुवार को एक बार फिर नक्सलियों द्वारा बिछाए गए आईईडी (IED) की चपेट में आने से एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया। पिछले दो दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा ब्लास्ट है, जिसमें अब तक कुल 6 जवान घायल हो चुके हैं।
गुरुवार: सर्च ऑपरेशन के दौरान फिर हुआ विस्फोट
ताज़ा जानकारी के अनुसार, बुधवार को हुई भीषण मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबल जंगल में नक्सलियों की तलाश में आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से प्लांट किए गए एक आईईडी बम पर जवान का पैर पड़ गया और जोरदार धमाका हुआ। इस विस्फोट में एक जवान बुरी तरह जख्मी हो गया, जिसे बिना समय गंवाए सेना के हेलिकॉप्टर से एयरलिफ्ट कर रांची लाया गया है। फिलहाल रांची के मेडिका अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
48 घंटे का घटनाक्रम: बुधवार को 5 जवान हुए थे घायल
बता दें कि बुधवार को 1 करोड़ के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा के दस्ते के साथ हुई मुठभेड़ और उसके बाद हुए ब्लास्ट में सीआरपीएफ के इंस्पेक्टर सत्य प्रकाश समेत 5 जवान घायल हुए थे। गुरुवार की घटना को मिलाकर अब घायल जवानों की संख्या 6 पहुँच गई है।
अतिरिक्त बलों की तैनाती, ऑपरेशन तेज
नक्सलियों की इस कायराना हरकत के बावजूद सुरक्षाबलों के हौसले बुलंद हैं। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर:
- घेराबंदी: पूरे सारंडा क्षेत्र को चारों ओर से सील कर दिया गया है।
- अतिरिक्त बल: कोबरा (CoBRA) और झारखंड जगुआर की अतिरिक्त टुकड़ियों को जंगल के भीतर उतारा गया है।
- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: नक्सलियों और उनके द्वारा बिछाए गए लैंडमाइंस का पता लगाने के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जा रही है।
मिसिर बेसरा की तलाश में जुटी टीमें
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि जवानों को नुकसान पहुँचाकर नक्सली दस्ता घने जंगलों का फायदा उठाकर भागने की फिराक में है। नक्सलियों ने सर्च ऑपरेशन को रोकने के लिए जगह-जगह आईईडी प्लांट कर रखे हैं, जिससे जवानों को आगे बढ़ने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है।
जोहार न्यूज़ टाइम्स देश की सुरक्षा में तैनात इन जांबाज जवानों की सलामती और शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता है। joharnewstimes.com

















