प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि महिला आरक्षण कानून को सच्ची भावना के साथ लागू करने का अब सही समय आ गया है, ताकि वर्ष 2029 से लोकसभा और विधानसभा चुनावों में इसका प्रभाव नजर आ सके।
प्रधानमंत्री ने लोकसभा और राज्यसभा में सदन के नेताओं को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर व्यापक सहमति बनाने का आग्रह किया है। उन्होंने सभी सदस्यों से महिला आरक्षण कानून के समर्थन में एकजुट होने की अपील की। इस कानून को “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” नाम दिया गया है।
विशेष सत्र 16 से 18 अप्रैल तक
संसद के बजट सत्र की अवधि बढ़ा दी गई है और इसके तहत 16 से 18 अप्रैल तक तीन दिवसीय विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसमें इस विषय पर चर्चा होने की संभावना है।
लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होंगी
महिला आरक्षण अधिनियम लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 816 हो जाएगी, जिनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।
33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान
गौरतलब है कि लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान वर्ष 2023 में संविधान संशोधन के माध्यम से किया गया था। प्रधानमंत्री ने इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी दलों से सहयोग की अपेक्षा जताई है।









