नई दिल्ली-| 7 अप्रैल, 2026: असम, केरल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के लिए पिछले कई हफ्तों से चल रहा धुआंधार प्रचार आज शाम 5 बजे आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया। अब इन राज्यों में 48 घंटों का ‘साइलेंस पीरियड’ (मौन अवधि) लागू है।
मुख्य चुनावी अपडेट्स:
- वोटिंग की तारीख: इन तीनों क्षेत्रों में 9 अप्रैल, 2026 को एक ही चरण में मतदान होगा।
- प्रचार पर सख्त पाबंदी: जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126 के तहत, अब उम्मीदवार कोई भी जनसभा, रोड शो या रैली नहीं कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने डिजिटल प्रचार (बल्क SMS, सोशल मीडिया विज्ञापन) पर भी रोक लगा दी है।
- बाहरी नेताओं की विदाई: नियमों के अनुसार, चुनाव क्षेत्र के मतदाता न होने वाले सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को तत्काल क्षेत्र छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं।
पुडुचेरी में ‘स्टेटहुड’ का मुद्दा गरमाया
प्रचार के अंतिम क्षणों में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने पुडुचेरी को ‘पूर्ण राज्य’ का दर्जा देने की मांग उठाकर चुनावी सरगर्मी तेज कर दी है।
स्टालिन का कड़ा प्रहार: “पुडुचेरी की विधानसभा ने 16 बार (संशोधित तथ्य के अनुसार) राज्य के दर्जे का प्रस्ताव पारित किया, लेकिन केंद्र ने इसे अनसुना किया। आज यहाँ के मुख्यमंत्री एक ‘कठपुतली’ बनकर रह गए हैं और शासन उप-राज्यपाल (LG) के हाथों में है।”
स्टालिन ने वादा किया कि यदि गठबंधन की जीत होती है, तो वे पुडुचेरी को उसका अधिकार दिलाने के लिए हर संभव लड़ाई लड़ेंगे।









