जमशेदपुर: शहर में आगामी पर्व और निकलने वाले जुलूसों को लेकर पुलिस प्रशासन ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून-व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए जैगुआर के डीआईजी इंद्रजीत महता खुद धरातल पर उतरे। उन्होंने साफ कर दिया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों से पुलिस सख्ती से निपटेगी।
हाई-लेवल मीटिंग में बनी रणनीति
जमशेदपुर पहुँचते ही डीआईजी इंद्रजीत महता ने वरीय पुलिस अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में सीनियर एसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी समेत जिले के तमाम आला अधिकारी मौजूद रहे।
- प्राथमिकता: डीआईजी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पर्व के दौरान शांति और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा।
- निगरानी: असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने और संवेदनशील इलाकों में गश्त (Patrolling) बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
जुलूस रूट का स्थलीय निरीक्षण
बैठक के बाद डीआईजी ने झंडा जुलूस के तय रास्तों का पैदल निरीक्षण किया। उन्होंने भीड़भाड़ वाले इलाकों और संवेदनशील पॉइंट्स का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा खामियों को दूर करने के लिए मौके पर ही अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और CCTV से ‘तीसरी नजर’
शहर की सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए प्रशासन ने तकनीक और फोर्स का तालमेल बिठाया है:
- भारी पुलिस बल: हर रूट और चौक-चौराहों पर जवानों की तैनाती रहेगी।
- हाई-टेक निगरानी: पूरे क्षेत्र पर ड्रोन के जरिए आसमान से और CCTV कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से नजर रखी जाएगी।
- QRT अलर्ट: किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को 24 घंटे स्टैंडबाय मोड पर रखा गया है।
प्रशासन की अपील: पुलिस ने जमशेदपुर वासियों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। आपसी भाईचारे के साथ त्योहार मनाएं और शांति व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।









