झारखंड के सभी 81 विधायकों को मिलेंगे ₹5-5 करोड़, गांवों में सड़क, नाली और पानी की योजनाओं को मिलेगी सुपर रफ्तार

झारखंड सरकार का बड़ा फैसला: विधायकों को मिले ₹5-5 करोड़, चमकेगी गांवों की सूरत।

Johar News Times
3 Min Read

झारखंड सरकार ने ग्रामीण और स्थानीय क्षेत्रों की सूरत बदलने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 81 विधायकों के लिए कुल ₹405 करोड़ की विकास राशि को हरी झंडी दे दी गई है। इस नए निर्णय के तहत प्रत्येक माननीय विधायक को उनके अपने विधानसभा क्षेत्र में जनहित से जुड़ी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए ₹5-5 करोड़ का विशेष फंड उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इस कदम से लंबे समय से अटकी पड़ी स्थानीय विकास योजनाओं को नई गति मिलेगी और ग्रामीण स्तर पर बुनियादी ढांचा मजबूत होगा।

सड़क, नाली से लेकर पेयजल संकट होगा दूर: इन कामों पर खर्च होगा फंड

विधायकों को मिलने वाले इस 5 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल पूरी तरह से जनता की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जाएगा। इसके तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे:

  • ग्रामीण और संपर्क सड़कों का निर्माण व मरम्मत।
  • जल निकासी के लिए सुव्यवस्थित नाली तंत्र का विकास।
  • शुद्ध पेयजल की उपलब्धता के लिए नई योजनाएं।
  • सामुदायिक भवनों का निर्माण और गांवों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था।

ट्राइबल और गैर-जनजातीय क्षेत्रों के लिए संतुलित बजट

राज्य में संतुलित क्षेत्रीय विकास सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने इस बजट को दो हिस्सों में विभाजित किया है:

क्षेत्र का प्रकारआवंटित राशि
ट्राइबल सब प्लान क्षेत्र₹215 करोड़
गैर-जनजातीय क्षेत्र₹190 करोड़

इस नीतिगत विभाजन से राज्य के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के साथ-साथ अन्य इलाकों में भी विकास कार्य समान रूप से और बिना किसी भेदभाव के आगे बढ़ सकेंगे।

गांवों तक विकास पहुंचाना और रोजगार देना हमारी प्राथमिकता: दीपिका पांडेय सिंह

इस बड़ी सौगात पर बात करते हुए ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा:

“हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गांवों के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाना है। सभी योजनाओं को तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इस पहल से न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर मजदूरों और युवाओं के लिए रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।”

राजनीतिक और प्रशासनिक हल्कों में सरकार के इस फैसले को झारखंड के ग्रामीण बुनियादी ढांचे को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम माना जा रहा है।

Share This Article