पटना: पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के छोटे भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रिंस यादव नेपाल के एक होटल में ठहरे हुए थे, जहां रविवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स में ब्रेन हेमरेज को मौत की संभावित वजह बताया जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। बताया जा रहा है कि घटना के समय प्रिंस यादव अपने कुछ दोस्तों के साथ नेपाल में मौजूद थे। मामले की जांच कर रही नेपाल पुलिस ने उनके साथ मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के बाद शव को भारत लाए जाने की तैयारी की जा रही है।
खान सर कोचिंग सेंटर विवाद में भी आया था नाम
प्रिंस यादव का नाम हाल ही में पटना में खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट (KGI) से जुड़े विवाद में भी सामने आया था। 2 जून को खान सर के कोचिंग सेंटर में हुए हमले, तोड़फोड़ और मारपीट के मामले में दर्ज केस में ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद समेत कई लोगों पर कार्रवाई हुई थी। रौशन आनंद फिलहाल इस मामले में जेल में बंद हैं। कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, प्रिंस यादव का नाम भी इस विवाद से जोड़ा गया था और पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। हालांकि इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई ताजा आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या है खान सर कोचिंग सेंटर विवाद?
2 जून की रात पटना स्थित खान ग्लोबल इंस्टीट्यूट में तोड़फोड़ और मारपीट की घटना हुई थी। घटना में एक सुरक्षा गार्ड घायल हो गया था। खान सर ने आरोप लगाया था कि हमले के पीछे पास स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर से जुड़े लोग थे। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में एक अन्य वीडियो सामने आया, जिसमें कोचिंग सेंटर परिसर में फायरिंग होती दिखी। जांच के दौरान खान सर के दो सुरक्षा कर्मियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने दावा किया कि फायरिंग खान सर के निर्देश पर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने खान सर के खिलाफ भी आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास जैसी धाराओं में मामला दर्ज किया।
फिलहाल खान सर ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल कर रखी है और कोर्ट ने 20 जून तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। प्रिंस यादव की मौत के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि उनकी मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
