पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। भ्रष्टाचार, धमकी, रंगदारी और सरकारी योजनाओं में गबन के अलग-अलग मामलों में पुलिस ने एक पूर्व विधायक, दो पार्षदों सहित चार नेताओं को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद से राज्य की राजनीति में गरमाहट आ गई है।
पुलिस ने बंगाल के पूर्वस्थली उत्तर क्षेत्र के पूर्व टीएमसी विधायक तपन चट्टोपाध्याय को राहत सामग्री के गबन के आरोप में गिरफ्तार किया है। रविवार को जब पुलिस ने उनके आवास पर छापेमारी की, तो वहाँ से बड़ी मात्रा में सरकारी राहत के तिरपाल और खेल सामग्री बरामद हुई।
दूसरा मामला दक्षिण दमदम नगर पालिका का है, जहाँ वार्ड नंबर 11 के टीएमसी पार्षद मृन्मय दास को नागेरबाजार थाना पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उन पर इलाके में रंगदारी , धमकी और मारपीट करने के गंभीर आरोप हैं।
‘100 दिन काम’ की मजदूरी हड़पने का आरोप
भ्रष्टाचार का एक और मामला पूर्व बर्धमान के कटवा से सामने आया है। यहाँ केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘100 दिन रोजगार’ के तहत मिलने वाली मजदूरी की राशि के गबन के आरोप में टीएमसी के जिला महासचिव दिगंत पाल को पुलिस ने धर दबोचा है।
वहीं, हुगली जिले के रिसड़ा नगरपालिका के टीएमसी पार्षद पार्थ सारथी गुप्ता उर्फ पप्पू को महिलाओं के लिए चलाई जा रही ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना में कथित भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामले में गिरफ्तार किया गया है। बता दें कि पप्पू को टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी का बेहद करीबी माना जाता है।
इन ताबड़तोड़ गिरफ्तारियों के बाद भाजपा और विपक्ष को टीएमसी सरकार पर हमला करने का एक और बड़ा मौका मिल गया है।
