संथाल समाज की सदियों पुरानी पारंपरिक स्वशासन व्यवस्था को धरातल पर और अधिक मजबूत और सुदृढ़ करने की कवायद तेज हो गई है। शनिवार को चांडिल डैम स्थित नौका विहार परिसर में पातकोम दिशोम मांझी पारगाना महाल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
श्यामल मार्डी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में समाज के विकास, संस्कृति की रक्षा और आपसी समन्वय को बढ़ावा देने के लिए चांडिल, ईचागढ़, नीमडीह और कुकड़ू प्रखंड के विभिन्न पंचायतों के लिए नए पंचायत प्रभारियों की नियुक्ति की गई है।
किसे कहाँ की मिली जिम्मेदारी? :
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- चौका, खूंटी एवं घोड़ानेगी पंचायत: महेन्द्र नाथ टुडू, कृष्णा मुर्मू, नंदलाल सोरेन।
- धुनाबुरु एवं मातकमडीह पंचायत: रवि हांसदा, सुखलाल मार्डी, धीरेन हांसदा, परेश हांसदा, किशुन हेम्ब्रम।
- चावलीबासा एवं झाबरी पंचायत: भूटीराम टुडू, बिष्णु सोरेन।
- रुचाप एवं रसुनिया पंचायत: गोपाल सोरेन, उजड़ मुर्मू।
- कुकड़ू प्रखंड: नारायण हांसदा।
- ईचागढ़ प्रखंड (गुदड़ी पंचायत): लोबिन हांसदा, देवेंद्र नाथ हांसदा।
- गौरांगकोचा पंचायत: पूर्ण चंद्र बेसरा।
- नीमडीह प्रखंड: ज्योति लाल हांसदा।
बैठक में समाज के प्रशासनिक ढांचे को और सशक्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण पारंपरिक निर्णय भी लिया गया। इसके तहत रायडीह के हाप पारगाना और चाम्दा हाप पारगाना को ‘दाहड़ी’ किया जाएगा, जिससे क्षेत्र में सामाजिक एवं पारंपरिक कार्यों का संचालन और अधिक सुचारू रूप से हो सकेगा।
“लक्ष्य: सामाजिक एकता, शिक्षा और नशा मुक्ति” — श्यामल मार्डी
“मांझी पारगाना महाल संथाल समाज की सदियों पुरानी स्वशासन प्रणाली है। गांव-समाज में सुख-शांति बनाए रखने, आपसी विवादों का निपटारा करने एवं अपनी समृद्ध संस्कृति व परंपरा की रक्षा के लिए पंचायत स्तर पर इन प्रभारियों की नियुक्ति की गई है। सभी नवनियुक्त प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सामाजिक एकता, शिक्षा का प्रसार, नशा मुक्ति और विकास कार्यों में बढ़-चढ़कर सहयोग करेंगे।” — श्यामल मार्डी, बैठक अध्यक्ष
इस महत्वपूर्ण बैठक में क्षेत्र के बड़ी संख्या में मांझी, पारगाना, जोग मांझी, गोडेत समेत संथाल समाज के कई प्रबुद्ध और सम्मानित लोग उपस्थित रहे और समाज की बेहतरी के लिए अपने विचार साझा किए।
