आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और डेस्क जॉब की अधिकता के कारण कमर दर्द एक आम समस्या बन चुकी है। पहले जहाँ इसे बढ़ती उम्र का लक्षण माना जाता था, वहीं अब युवाओं में भी यह तेजी से फैल रहा है। शारीरिक गतिविधियों में कमी और काम के बढ़ते बोझ ने इस समस्या को और गंभीर बना दिया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें रीढ़ की हड्डी को नुकसान पहुँचा रही हैं।
गलत पॉश्चर (बैठने का तरीका) कैसे पहुँचा रहा है नुकसान?
गलत पॉश्चर का असर तुरंत महसूस नहीं होता, लेकिन लंबे समय में यह गंभीर रूप ले लेता है।
- रीढ़ की हड्डी पर दबाव: कुर्सी पर झुककर बैठना, बिना बैक सपोर्ट के काम करना या घंटों गर्दन झुकाकर मोबाइल देखना रीढ़ की हड्डी की प्राकृतिक बनावट को प्रभावित करता है।
- मांसपेशियों में जकड़न: गलत तरीके से बैठने से मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न पैदा होती है, जो धीरे-धीरे गर्दन और कंधों तक फैल जाती है।
- संतुलन की कमी: खड़े होने या चलने के दौरान एक पैर पर ज्यादा वजन डालना या आगे झुककर चलना कमर पर अतिरिक्त दबाव डालता है।
- टेक्स्ट नेक: मोबाइल के अत्यधिक इस्तेमाल से ‘टेक्स्ट नेक’ की समस्या बढ़ रही है, जिससे पूरी रीढ़ की हड्डी प्रभावित होती है।
कमर दर्द से बचाव के कारगर उपाय
अपनी आदतों में थोड़ा सुधार करके आप इस दर्द से मुक्ति पा सकते हैं:
- बैठने का सही तरीका: कुर्सी पर बैठते समय हमेशा अपनी पीठ सीधी रखें और बैक सपोर्ट का इस्तेमाल करें। आपके पैर जमीन पर सीधे होने चाहिए और घुटने 90 डिग्री के कोण पर रहने चाहिए।
- स्क्रीन की ऊंचाई: कंप्यूटर या लैपटॉप की स्क्रीन को अपनी आंखों के लेवल (Eye Level) पर रखें। इससे आपको बार-बार गर्दन झुकाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
- लगातार बैठने से बचें: हर 30 से 40 मिनट के काम के बाद 5 मिनट का ब्रेक लें। थोड़ा पैदल चलें और शरीर को स्ट्रेच करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है।
- योग और व्यायाम: रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाने के लिए नियमित रूप से भुजंगासन, ताड़ासन और मार्जरी आसन करें।
- समय पर सलाह: अगर कमर दर्द लगातार बना रहे या बढ़ रहा हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है, इसलिए तुरंत किसी विशेषज्ञ से परामर्श लें।
