पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जारी हिंसा और बिगड़ती कानून-व्यवस्था के खिलाफ गुरुवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन किया।
लोकतंत्र के लिए खतरा है चुनावी हिंसा: मनजीत आनंद प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही कांग्रेस नेत्री मनजीत आनंद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद जिस तरह से हिंसा, आगजनी और राजनीतिक प्रताड़ना की खबरें आ रही हैं, वह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम जनता शांति और सुरक्षा चाहती है, लेकिन राजनीतिक लाभ के लिए देश में भय और तनाव का माहौल पैदा किया जा रहा है।
सरकारों की विफलता पर उठाए सवाल मनजीत आनंद ने आगे कहा कि यदि चुनाव खत्म होने के बाद भी नागरिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर सरकारों की विफलता है। उन्होंने मांग की कि केंद्र सरकार बंगाल की स्थिति पर गंभीरता से संज्ञान ले और हिंसा के दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
बड़े आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। साकची गोलचक्कर पर प्रदर्शन को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से पुलिस प्रशासन भी मुस्तैद रहा। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि बंगाल में हिंसा की घटनाओं पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो पार्टी आने वाले समय में राज्यव्यापी उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।










